ग्रेटर नोएडा में हुए डबल मर्डर केस का ग्रेटर नोएडा जोन पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है क्योंकि कोतवाली दनकौर पुलिस के लिए घटना काफी चुनौती बन गई थी। बीते बुधवार की रात दो बजे सोते समय दनकौर के बल्लू खेड़ा गांव में चाचा और भतीजे की फावड़े और वसूली से 52 वर्षीय रामकुमार और 45 वर्षीय विक्रमादित्य की काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। जानकारी परिवार के लोगों को गुरुवार की सुबह मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई पुलिस की कई टीम में मामले में जुटी हुई थी।
ग्रेटर नोएडा कोतवाली दनकौर पुलिस ने मामले जांच पड़ताल की तो शक की सुई बेटे पर गहरा गई। जांच में इस संबंध में स्थिति साफ हो गई है। इस मामले को संपत्ति विवाद से जोड़ा गया है। लेकिन मामला कुछ और ही निकला आरोपी बेटे हत्यारे ने बाप द्वारा मां को प्रताड़ित किया जा रहा था और दूसरी महिलाओं से संबंध रखता था जिसकी वजह से बेटा ने अपने आप की हत्या कर दी वहीं रिश्ते में लगने वाले दादा ने हत्या करते हुए देख लिया तो दादा की भी हत्या कर दी।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी जैसमीन द्वारा दोहरे हत्याकाण्ड को अकेले अन्जाम दिये जाने का इकबाल करते हुये बताया गया कि वह व उसका परिवार अपने पिता वीर विक्रमाजीत राव नोएडा में एक साथ रहता था जहाँ पर उसके पिता वीर विक्रमाजीत राव द्वारा उसकी मां को प्रताड़ित व परेशान किया जा रहा था जिसके पश्चात उसकी मां बच्चो को लेकर गाँव आ गयी थी। उसके दादा-दादी द्वारा गाँव में रहने के लिये मकान दे दिया गया था। अभियुक्त जैसमीन अपनी माता व बहन के साथ गाँव में रहने लगी थी तथा मृतक वीर विक्रमाजीत राव परिवार से अलग नोएडा में रहता था दोनो पति-पत्नी के मध्य आपसी विवाद के कारण तलाक की प्रक्रिया चल रही थी। मृतक वीर विक्रमाजीत राव कहानियां भी लिखते थे और अभी डेढ़-दो महीने से उन कहानियों पर शार्ट फिल्म बनाने के लिये गाँव में पड़े अपने पैतृक घर में एक छोटे फिल्म स्टूडियो का निर्माण करा रहे थे जिसके निर्माण के लिये वीर विक्रमाजीत राव के द्वारा टप्पल, अलीगढ़ स्थित अपनी जमीन बेची गयी थी और जमीन से प्राप्त पैसे को स्टूडियों बनाने में एंव पैसे को घर में प्रयोग ना करके इधर उधर खर्च कर रहा था। रक्षाबंधन के दिन बंटवारे और इन सभी बातों को लेकर मृतक वीर विक्रमाजीत राव का अभियुक्त जैसमीन व अपनी पत्नी के साथ विवाद हुआ था जिसके बाद से ही अपने पिता के प्रति नफरत व घृणा से भरे अभियुक्त जैसमीन द्वारा वीर विक्रमाजीत राव को मारने की ठान ली गयी थी।
अपराध करने का तरीका
बीते बुधवार रात अभियुक्त को यह जानकारी थी कि वीर विक्रमाजीत राव घर पर ही सो रहा है तो वह परिवार के अन्य सदस्यो के सो जाने के उपरान्त रात्रि में करीब 2 से 3 बजे के मध्य घेर की दीवार फांदकर घेर में घुसा और वहाँ रखे फावड़े से पहले वीर विक्रमाजीत राव के चहरे, गर्दन व सिर पर वार किये गये और उसी के पास दूसरी चारपाई पर सो रहे रामकुमार के जाग जाने पर पहचान लिये जाने के डर से उसके भी सिर,गर्दन व चेहरे पर वार किये। रामकुमार को हिलता हुआ देखकर उसके जीवित बच जाने के अंदेशे से वही पास पड़ी बसूली(छोटी हथौड़ी) से मृतक रामकुमार के सिर पर कई वार किये और बसूली को घेर में बने बाथरूम के पास फेंककर दीवार फांदकर भाग गया और घर आकर खून से सने कपड़े धोकर लेट गया।
एडीसीपी अशोक कुमार ग्रेटर नोएडा ने बताया
दोहरे हत्याकाण्ड के अनावरण हेतु गठित टीमो द्वारा निरन्तर अथक प्रयास करते हुये इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस व तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये विभिन्न लोगो से पूछताछ व मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर मृतक वीर विक्रमाजीत राव के बड़े पुत्र जैसमीन उम्र करीब 21 वर्ष को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया गया। आरोपी जैसमीन द्वारा उक्त दोहरे हत्याकाण्ड किया जाना कबूल किया गया है। अभियुक्त की निशादेही पर घटना के समय इसके द्वारा पहने हुये खून लगे हुये कपड़े जिनको इसने धो दिया था, को बरामद किया गया है। घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल घटना स्थल से ही बरामद हो चुके है।

