Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अब भी कई ऐसे इलाके हैं जहां पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है, जिससे वहां अंधेरा छाया रहता है। इस समस्या को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक नई योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर के अंधेरे वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें रोशन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण ने सभी संबंधित वर्क सर्किल प्रभारियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, पिछले पांच महीनों में 12 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ बचे हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत जिन क्षेत्रों में अभी तक स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, वहां एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
80 हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं
फिलहाल इस परियोजना की जिम्मेदारी सूर्या कंपनी को सौंपी गई है, जिसने अब तक 80 हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें ग्रेटर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में लगाई हैं। हालांकि, इसके बावजूद कुछ क्षेत्र अब भी अंधेरे में हैं, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
हाल ही में एसीईओ द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 में आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं। इसे ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने डार्क स्पॉट्स का सर्वेक्षण किया है, ताकि उन स्थानों पर लाइटें लगाई जा सकें और खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत हो सके।
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कंट्रोल रूम से की जा रही निगरानी
प्राधिकरण द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से शहर की स्ट्रीट लाइटों की निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम से हर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर नजर रखी जाती है, ताकि किसी भी क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था बाधित न हो और शहर की गलियों और सड़कों में पर्याप्त रोशनी बनी रहे।

