ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) कोतवाली दनकौर क्षेत्र के अस्तौली गांव के रहने वाले एक बाउंसर सोहित भाटी की एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद अपने अपराध को छिपाने और सोहित भाटी शव हटा कर साक्ष्य को छिपाने के आरोप में पुलिस ने डम्पर चालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया पुलिस ने साक्ष्य को छिपाने के इस्तेमाल किए गए जेसीबी मशीन, डंपर और सेंट्रो कार को बरामद किया है, जिसमें शव और मोटरसाइकिल को डाल कर चचुला भट्टे के पास फेक दिया गया था।
पूरा मामला
पुलिस की गिरफ्त में खड़े डंपर चालक श्रीनिवास, जितेंद्र उर्फ जीते और पुष्पेंद्र को दनकौर कोतवाली पुलिस ने बीते 3 तारीख की रात तेजी व लापरवाही से डम्पर चलाते हुये, टक्कर मार दी थी जिसमें सोहित भाटी कि मौत हो गई थी जिसके बाद श्रीनिवास, अपने अपराध को छुपाने और साक्ष्य को मिटाने के लिए अपने साथी जितेंद्र उर्फ जीते और पुष्पेंद्र के साथ मिलकर शव और मोटरसाइकिल को डाल कर चचुला भट्टे के पास फेक दिया गया था। सोहित भाटी का शव मिलने पर ग्रामीणों के साथ शव को सड़क पर रखकर खेरली नहर के पास करीब आधा घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या व हादसा दोनों ही एंगल से जांच की जा रही थी, इस दौरान पुलिस ने तफ्तीश डंपर चालक श्रीनिवास को हिरासत में लेकर पूछ्ताछ की पता चला कि श्रीनिवास ने तेजी व लापरवाही से डम्पर चलाते हुये सोहित भाटी की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दिया था जिससे दुर्घटना में आयी गम्भीर चोटो के कारण सोहित भाटी की मौके पर मृत्यु हो गई तो वह घबरा गया और अपने अपराध को छिपाने के लिये अपने साथी पुष्पेन्द्र और मालिक जितेंद्र उर्फ जीते के साथ मिलकर साक्ष्य छिपाने के लिए मोटरसाइकिल को जेसीबी मशीन से उठाकर तथा सेन्ट्रो कार में सोहित भाटी के शव को डालकर चचुला भट्टा के पास डाल दिया था। पुलिस ने तीनो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

