Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अवैध रूप से संचालित हो रहे पीजी, गेस्ट हाउस और ओयो रूम्स के कारण स्थानीय निवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन स्थानों पर हो रहे हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों से न केवल शांति व्यवस्था भंग हो रही है, बल्कि शहर की सामाजिक संरचना पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। कई रिहायशी सेक्टरों में इन संस्थानों के कारण अराजकता का माहौल बनता जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कचरा प्रबंधन की खुलेआम अनदेखी
इन अवैध पीजी और गेस्ट हाउस से निकलने वाला भारी मात्रा में कचरा खुले में फेंका जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ गया है। कचरे की वजह से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने कई बार इन समस्याओं को उठाया है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सामाजिक संगठनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
शहर के सामाजिक संगठनों ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से इन अवैध संस्थानों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन पीजी, गेस्ट हाउस और ओयो के संचालन से सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है और शांति व्यवस्था को खतरा है। हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों से शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं।
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स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का बढ़ता खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इन अव्यवस्थित संस्थानों पर जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो शहर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और भी गंभीर हो सकती हैं। कचरा प्रबंधन के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। निवासियों ने प्राधिकरण से आग्रह किया है कि वह तुरंत कार्रवाई करें ताकि शहर की सामाजिक व्यवस्था बहाल हो सके और निवासियों को राहत मिल सके।

