Greater Noida: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के ग्रेटर नोएडा आगमन के दौरान तैनात डॉक्टरों की टीम से अनुपस्थित रहने पर जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. रमाकांत आर्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने इस मामले में कदम उठाते हुए डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और उनके एक दिन का वेतन भी रोक दिया गया है।
दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से रहे अनुपस्थित
अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रेनू अग्रवाल ने जानकारी दी कि 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमाकांत आर्या की ड्यूटी तीन डॉक्टरों की टीम में सौंपी गई थी। इसी प्रकार, 6 सितंबर को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आगमन पर भी उनकी ड्यूटी निर्धारित की गई थी। हालांकि, दोनों ही अवसरों पर डॉ. आर्या अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहे, जिससे टीम में केवल एनेस्थीसिया और मेडिसिन विभाग के डॉक्टर मौजूद थे।
स्पष्टीकरण के लिए लिखित जवाब तलब
डॉ. रेनू अग्रवाल ने यह भी बताया कि डॉक्टर आर्या ने इन दिनों में अस्पताल में अपनी नियमित ड्यूटी निभाई थी, लेकिन सरकारी कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया है। जब उनसे फोन के माध्यम से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन काट दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई। सीएमओ ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो सके।
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कार्रवाई का असर
इस घटना से चिकित्सा विभाग में एक सख्त संदेश गया है कि सरकारी कार्यक्रमों में तैनात डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य है। यदि डॉक्टरों की लापरवाही जारी रही, तो भविष्य में और कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

