Greater Noida: उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहर ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में बिजली आपूर्ति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस साल की भीषण गर्मी में भीषण बिजली कटौती का सामना करने के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने इस समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
ग्रेटर नोएडा में नवीनीकरण
- मेट्रो डिपो में नया 220 केवी सबस्टेशन (निवेश: ₹70 करोड़)
- इकोटेक सेक्टर 8 और 10 में दो नए 132 केवी सबस्टेशन (निवेश: ₹120 करोड़)
उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) के कार्यकारी अभियंता अभिषेक सिंह ने कहा, “जुलाई के अंत तक तीनों नए सबस्टेशन चालू हो जाएंगे। इससे ग्रेटर नोएडा और आसपास के 118 गांवों में बिजली आपूर्ति में क्रांतिकारी सुधार आएगा।”
गाजियाबाद में अपग्रेड
गाजियाबाद के जोन 3 में दो प्रमुख सबस्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है:
- अहिंसा खंड सबस्टेशन
- राजेंद्र नगर सबस्टेशन
पीवीवीएनएल जोन 3 के मुख्य अभियंता अजय ओझा ने बताया, “दोनों 20 एमवीए सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाकर 25 एमवीए की जा रही है। जुलाई में इन सबस्टेशनों से बेहतर बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी।” इससे राजेंद्र नगर, शक्ति खंड और अहिंसा खंड के आसपास के इलाकों को फायदा होगा।
बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि
इस साल की भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है:
- नोएडा: 2,428 मेगावाट (पिछले साल की तुलना में लगभग 20% अधिक)
- गाजियाबाद: 1,600 मेगावाट (पिछले साल की तुलना में लगभग 23% अधिक)
- ग्रेटर नोएडा: 730 मेगावाट (पिछले साल की तुलना में लगभग 33% अधिक)
एनपीसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जुलाई-अगस्त में मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है। हमारी नई योजना इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।”
ये भी पढ़ें..
क्या बारिश बिगाड़ेगी भारत खेल ? मैच धूला तो जानिए कौन सी टीम खेलेगी वर्ल्ड कप फाइनल
भविष्य की योजनाएँ
- बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति
- ओवरलोडिंग और स्थानीय फॉल्ट में कमी
- औद्योगिक विकास को बढ़ावा
- आम जनता को गर्मी से राहत
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “यह परियोजना हमारे ‘बिजली सबके लिए’ मिशन का हिस्सा है। हम अगले दो वर्षों में और अधिक सबस्टेशन स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।”

