पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को एक बड़ा सबूत हाथ लगा है। सीबीआई ने बिचौलिया चंदन मंडल उर्फ रंजन सहित सभी छह आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर रातभर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। बता दें कि सीबीआई ने चंदन सहित छह लोगों को शुक्रवार निजाम पैलेस स्थित सीबीआई दफ्तर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया है कि प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष और इस मामले में पहले से गिरफ्तार माणिक भट्टाचार्य के साथ चंदन के संबंध बहुत अच्छे थे। इन्हीं के बीच रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके अलावा पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी तक भी रुपये पहुंचाए गए हैं।
“रुपया दीजिए, नौकरी लीजिए”
सीबीआई के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि रात भर हुई पूछताछ में चंदन ने स्वीकार किया है कि उसने राज्य के सभी जिले में अपने एजेंट बना रखे थे। उसने ऐसा जाल फैला रखा था जिससे लोगों के बीच यह राय बनाई गई थी कि पैसा दीजिए और सरकारी नौकरी पाईए। आरोपित चंदन ने इसमें न केवल शिक्षक नियुक्ति बल्कि सभी तरह की सरकारी नौकरियां देने का जाल फैला रखा था। पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के खांस रहे चंदन मंडल ने प्रत्येक जिले में अपने सब एजेंट रखे थे।
बता दें कि सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक चंदन की खासकर भूमिका ग्रुप सी नियुक्ति में बड़ी थी।इसके अलावा सीबीआई को 22 ऐसे बैंक खातों की भी जानकारी मिली है जिनमें संदिग्ध लेनदेन हुआ है। जिलका सीधा संबंध चंदन मंडल से रहा है। बता दें कि अकाउंट में तो करोड़ों का लेनदेन हुआ ही है साथ ही नगदी का लेनदेन भी किया गया है। ये तमाम रुपये शिक्षक उम्मीदवारों से वसूले गए थे।
बेटी ने किया दावा, कहा पिता को फंसाया गया
इधर चंदन मंडल की बेटी ने दावा किया है कि उसके पिता को फंसाया गया है। उसने कहा कि अगर पिता नौकरी दिलवाने का काम कर रहें होते तो सबसे पहले मुझे नौकरी मिली होती। इधर, चंदन के पूर्व ड्राइवर रहे संतु विश्वास ने बताया है कि पांच साल पहले से ही चंदन लोगों को नौकरी दिलवाले के नाम पर रुपये लेता था।

