Ghaziabad: गाजियाबाद जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने कहा है कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, अस्पताल इस भीषण गर्मी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसको लेकर अप्रैल की शुरुआत में ही तैयारी शुरू हो गई थी, यह सुनिश्चित करते हुए कि मरीजों के लिए पूरी सुविधा में कूलर और पानी के डिस्पेंसर उपलब्ध हों।
विशेष प्रावधानों में ओआरएस की उपलब्धता और एक हीट वार्ड की स्थापना शामिल है। यह वार्ड एयर कंडीशनिंग और पंखों से सुसज्जित है, जो गर्मी की लहर से प्रभावित गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वच्छ और आरामदायक वातावरण सुनिश्चित करता है। इस वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम भी नियुक्त की गई है।
डॉ. त्रिपाठी ने अत्यधिक उच्च तापमान, जो कि 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है, के कारण गर्भवती महिलाओं को यथासंभव घर के अंदर रहने की सलाह दी। उन्होंने गर्मी के कारण समय से पहले प्रसव के खतरों पर प्रकाश डाला। यदि गर्भवती महिला के लिए घर से निकलना जरूरी हो तो उसे लंबी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए और धूप से बचने के लिए छाता साथ रखना चाहिए। गर्मी की लहर के कारण अत्यधिक निर्जलीकरण, चक्कर आना और बेहोशी हो सकती है, जिससे महिलाओं के लिए प्रसव पीड़ा से निपटना मुश्किल हो जाता है।
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इन जोखिमों को कम करने के लिए, डॉ. त्रिपाठी ने सिफारिश की कि गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से ओआरएस का सेवन करें। अस्पताल ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिचारकों को आवश्यक सावधानियों के बारे में शिक्षित करने के लिए पूरे परिसर में जागरूकता पोस्टर भी लगाए हैं।

