नई दिल्ली। Ghaziabad पुलिस ने 32 वर्षीय एक महिला को अपने ससुराल के घर से 40 तोले सोने और चांदी के आभूषण चुराने मामले में गिरफ्तार किया हैं। घटना को लेकर पुलिस ने बताया महिला अपने माता-पिता के साथ मिलकर इस डकैती की घटना को अंजाम दे रही थी। इस मामले में पुलिस ने महिला के माता पिता को भी गिरफ्तार किया।
Ghaziabad के निवाड़ी का है मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 10 अप्रैल को Ghaziabad के निवाड़ी में हुई थी। जिसमें पुलिस ने संदिग्धों की पहचान 32 वर्षीय दीपिका त्यागी, उनके पिता 60 वर्षीय योगेन्द्र त्यागी और 56 वर्षीय उनकी मां सुनीता त्यागी के रूप में की है। इन तीनों के अलावा एक अन्य व्यक्ति, 63 वर्षीय अकबर अली की भी गिरफ़्तारी भी हुई हैं। जिसने संदिग्धों को चोरी को अंजाम देने में मदद की थी और इसके लिए उसे परिवार ने ₹20,000 का भुगतान किया गया था।
घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि 10 अप्रैल को दोपहर 1.30 बजे उन्हें सूचना मिली कि निवाड़ी के भ्रमपुरी में एक घर में चोरी हुई है। जिसको लेकर पुलिस को बताया गया कि अज्ञात संदिग्धों ने घर में प्रवेश किया और घर में अकेली दीपिका को बेहोश किया और भागने से पहले सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ली।
पूछताछ करने पर दीपिका के विरोधाभासी बयान
उस समय घर के अन्य सदस्य उस वक्त घर पर नहीं थे। जब परिवार के अन्य सदस्य घर लौटे तो उन्होंने दीपिका को बंधा हुआ पाया और उसे मुक्त किया। परिवार की शिकायत के आधार पर, भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। परिवार ने दावा किया कि घर से 40 तोला सोने और चांदी के आभूषण और ₹3.5 लाख नकद चोरी हो गए।
परिवार के साथ अन्य लोग भी घटना में शामिल
Ghaziabad पुलिस ने संदिग्धों का पता लगाने के लिए चार टीमें बनाईं इस दौरान पूछताछ करने पर दीपिका विरोधाभासी बयान देने लगीं तो पुलिस ने उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड की जांच की जिसमें एक नंबर मिला, जिससे उसे लंबी अवधि की कॉलें थीं और इनमें से कुछ घटना के दिन थीं। हमने नंबर का पता लगाया और यह किसी और के नाम पर था लेकिन उसका इस्तेमाल उसके पिता योगेन्द्र त्यागी करते थे। घटना वाले दिन उसकी लोकेशन दीपिका के घर से बमुश्किल 700 मीटर की दूरी पर मिली थी। पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) विवेक चंद्र यादव ने कहा कि ‘योगेंद्र के कॉल रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि वह उस दिन नियमित रूप से उसके और अकबर के संपर्क में था।
अकबर के कबूलनामें में साजिश का खुलासा
मामले की जांच कर रही पुलिस ने पड़ोस के सीसीटीवी कैमरों से फुटेज में पाया कि दीपिका के माता-पिता बाइक पर उसके घर के पास आए थे और मेरठ के गंगानगर में अपने घर भागने से पहले अकबर से मिले थे। Ghaziabad पुलिस ने कहा कि जब पुलिस ने अकबर को पकड़ा, तो वह टूट गया और उसने साजिश का खुलासा करते हुए कहा कि उसे दीपिका के पिता ने फर्जी डकैती करने के लिए 20,000 रुपये में काम पर रखा था। पुलिस ने कहा कि दीपिका और उसके माता-पिता को भी उठाया गया और उन्होंने कबूल कर लिया। उनके पिता पिछले डेढ़ साल से दिल की बीमारी से पीड़ित थे और उनके इलाज के दौरान उनके ससुराल वालों ने उन्हें ₹90,000 की मदद भी की थी।

