Ghaziabad: नए साल में गाजियाबाद को मास्टर प्लान-2031 का तोहफा मिलने जा रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस मास्टर प्लान के प्रारूप को पहले ही बोर्ड से मंजूरी दिलवा दी है। अब शासन से औपचारिक स्वीकृति बाकी है, जो दिसंबर माह में मिलने की संभावना है। वर्तमान मास्टर प्लान की समयावधि 2024 में समाप्त हो जाएगी। नया मास्टर प्लान लागू होने के बाद गाजियाबाद के विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
पहली बार मिलेगा जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान
गाजियाबाद को पहली बार जियोग्राफिक इंफोरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मास्टर प्लान मिलेगा। इस प्लान को भारत सरकार की एजेंसी डीडीएफ कंसलटेंट ने तैयार किया है। जीआईएस आधारित मास्टर प्लान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरे क्षेत्र में किसी भी निर्माण की जानकारी तत्काल जीडीए को मिल सकेगी।
नए मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और मेट्रो-आरआरटीएस रूट पर टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) जोन विकसित करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इन जोन्स में मिश्रित भूपयोग और अधिक एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) की सुविधा दी जाएगी।
जीडीए का एरिया होगा बड़ा
नए मास्टर प्लान के लागू होने के साथ ही जीडीए का क्षेत्रफल भी बढ़ जाएगा। डासना, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर की कुल 130 हेक्टेयर भूमि का भूउपयोग बदला जाएगा। डासना की 50 हेक्टेयर भूमि कृषि से रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल में तब्दील की जाएगी। इसी तरह मोदीनगर और मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर भूमि का भूउपयोग बदलेगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
टीओडी जोन से विकास को पंख
मास्टर प्लान में तीन टीओडी जोन शामिल किए गए हैं। इन जोन को ब्लू लाइन और रेड लाइन मेट्रो के साथ आरआरटीएस रूट पर विकसित किया जाएगा। टीओडी जोन के माध्यम से गाजियाबाद में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे और शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
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2018 से हो रही थी तैयारी
मास्टर प्लान-2031 की तैयारी 2018 में शुरू हुई थी। जीडीए बोर्ड ने इसे पांचवीं बार में स्वीकृति दी। इसे तैयार और मंजूरी में करीब छह साल का समय लगा। जीडीए का यह मास्टर प्लान गाजियाबाद को देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में लाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

