गाजियाबाद में सनातन धर्म को लेकर जारी बहस के बीच गाजियाबाद में सनातन धर्म पर दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। (Sanatan Dharm Conclave) इस कॉन्क्लेव में देशभर से साधू संत व विद्वान उपस्थित होंगे। अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान की ओर से 7 व 8 अक्टूबर को प्रीतम फार्म हाउस में कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कॉन्क्लेव की तैयारी को लेकर बुधवार को आरडीसी में श्री दूधेश्वर मंदिर के श्रीमहन्त नारायण गिरी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्रीमहंत ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा हमारा सर्वोपरि कर्तव्य है। अब दुनिया को सनातन का महत्व समझाने का समय आ चुका है। संत सदैव समाज के साथ मिलकर धर्म की रक्षा के लिये लड़ते रहे हैं। अब फिर वैचारिक संघर्ष के लिये हम बिल्कुल तैयार हैं।
पूरे विश्व में सनातन को फैलाने के लिए किया जाएगा कॉन्क्लेव ( श्रीमहंत नारायण गिरि )
श्रीमहंत नारायण गिरि ने कहा कि सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है जो मानवता के कल्याण का रास्ता दिखाता है। इसी करण आज पूरे विश्व में सनातन धर्म का प्रभाव बढ़ रहा है। इसी से घबराकर कुछ लोग सनातन धर्म के खिलाफ षडयंत्र रच रहे हैं, मगर वे यह भूल गए हैं कि सनातन धर्म को कभी भी खत्म नहीं किया जा सकता है। जिस धर्म की रक्षा खुद संत व भगवान करते हों, वह धर्म हमेशा रहेगा और ऐसा धर्म सनातन धर्म ही है।शिवशक्तिधाम डासना के महंत यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि आज सनातन की रक्षा के लिये सनातन के मूल सिद्धांतों को विश्व के समक्ष रखना अति आवश्यक हो गया है। सनातन कॉन्क्लेव (Sanatan Dharm Conclave) इस कार्य की एक शुरूआत भर है।
बैठक में हुए ये लोग शामिल
मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान के अध्यक्ष मुकेश त्यागी ने कहा कि रविवार को सनातन धर्म (Sanatan Dharm Conclave) और भारत राष्ट्र के लिये अपने प्राण देने वाले अमर बलिदानियों के सम्मान में श्रद्धासुमन समर्पित करने के लिये तर्पण-एक महाश्राद्ध का आयोजन करता है हवन और दीप यज्ञ के माध्यम से अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। वीर रस के कवि अपनी रचनाओं से श्रद्धासुमन समर्पित करेंगे।
बैठक में लेखक विनोद सर्वोदय, संजय बहेड़ी, प्रमोद त्यागी मोरटा, नरेंद्र काकड़ा, मोहित बजरंगी, अवनीश त्यागी, विशाल त्यागी, विकास त्यागी, ब्रह्म दत्त त्यागी, विजेंदर त्यागी, सुरेश त्यागी, अजय दिनकरपुर, सेवाराम त्यागी, मुकेश त्यागी, पुनीत त्यागी, अरुण त्यागी, प्रेम दत्त त्यागी दुहाई, आसाराम त्यागी आदि भी मौजूद रहे।

