नई दिल्ली। Ghaziabad के घरों को संपत्ति कर के अंतर्गत निर्धारित करने के लिए नई किराये मूल्य संरचना 1 अप्रैल से लागू हो गया हैं। जिसके बाद निगम के कर्मचारियों का कहना हैं कि अगले चार वर्षों में अन्य सभी संपत्ति भी इसी दायरे में में आएंगी। जिसको लेकर पहले भी 8 जनवरी को निगम के वेबसाईट पर इस नए ढांचे को लागू करने की बात कहते हुए आदेश जारी किया था। जिसमें कहा कहा गया कि 27 अक्टूबर 2023 को इस नई संरचना को मंजूरी दे दी।
निगम द्वारा जारी आदेश में नगर निगम आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने कहा
वर्तमान में निगम के पास लगभग 4.8 लाख (480,000) पुरानी संपत्तियां हैं जिनके बिल पुराने ढांचे के अनुसार बनाए गए हैं। लेकिन इसके बाद GIS सर्वेक्षण रिपोर्ट आने और भौतिक सर्वेक्षण पूरा होने के बाद लगभग 1.25 लाख (125,000) नई संपत्तियां इसमें और जोड़ी जाएंगी। जिसके बाद सभी पुरानी और नई संपत्ति को नई संपत्ति कर संरचना के अंतर्गत कर दिया जाएगा। 1 अप्रैल 2024 के बाद मूल्यांकन की जाने वाली सभी संपत्ति के नई संपत्ति कर संरचना के अंतर्गत ही रसीद तैयार की जाएगी।
इन संपत्तियों को लाया जाएगा नई संपत्ति कर संरचना के अंतर्गत
वहीं निगम के मुख्य कर मूल्यांकन अधिकारी संजीव सिन्हा ने कहा कि मकान, मॉल, फ़ैक्टरियाँ और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी संपत्तियों के लिए हर चार साल में एक संशोधन प्रक्रिया होती हैं। इसका मकसद यह जानना होता है कि उनके पास कुछ अतिरिक्त निर्माण बाकी है या पिछला निर्माण पूरा हो चुका हैं। इसकी जानकारी स्व-मूल्यांकन द्वारा या फिर निगम के राजस्व निरीक्षकों द्वारा किया जाता है। जिसे भी नए कर ढांचे के तहत लाया जाएगा।
Ghaziabad नगर निगम के वार्षिकी राजस्व में होगी बढ़ोतरी
निगम के राजस्व में बढ़ोतरी के कारण ऐसा किया जा रहा हैं। निगम के एक अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में शहर के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद भी शहर का किराया मूल्यांकन सबसे कम है। इसलिए निगम द्वारा नई संपत्ति कर संरचना लागू की जा रही है। जिससे करीब 100 करोड़ अतिरिक्त वार्षिकी राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है।
Ghaziabad के पार्षद का विरोध
वहीं करों में बदलाव को लेकर वार्ड 67 के परिषद अजय शर्मा का कहना है कि दो कर संरचनाओ का प्रचलन नहीं किया जा सकता है। हमने पहले भी इसका विरोध किया है और ऐसा होता है तो हम कानूनी उपाय का सहारा लेंगे।

