गाजियाबाद। चंद्रयान-3 की चांद पर सफल लैंडिंग को लेकर पूरे देश में पूजा अर्चना और हवन आदि किया जा रहा है। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में बुधवार सुबह से ही पूजा अर्चना चल रही है। यह पूजा अर्चना तब तक चलेगी जब तक चंद्रयान-3 पूरी तक चांद पर लैंड ना कर लें ।
मंदिर के महंत नारायण गिरी ने कहा सभी भारतवासियों और वैज्ञानिकों के लिए हर्ष व गर्व
मंदिर के महंत नारायण गिरी ने कहा कि चन्द्रमा हम सभी के जीवन में बहुत महत्व रखता है। चंद्रमा आदिकाल से ही भगवान शंकर के मस्तक पर विराजमान है। समुद्र मंथन के पश्चात 14 रत्नों के साथ भिन्न-भिन्न वस्तुएं उत्पन्न हुई थीं। साथ ही विष भी उत्पन्न हुआ था, जिसको देखकर सारे देवता भयभीत होने लगे तो भगवान शिव ने विष धारण किया। विष धारण करने के पश्चात उनका शरीर उस विष से बहुत जलने लगा तो उसके पश्चात सभी देवताओं ने चंद्रमा से आग्रह किया और भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान मिशन की सफलता भारत के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। श्रावण मास है और चंद्रमा शिव को अति प्रिय है। ऐसे समय में चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग का क्षण हम सभी भारतवासियों और सभी वैज्ञानिकों के लिए बहुत हर्ष व गर्व की बात है।
चंद्रयान-3 की सेफ लैंडिंग को लेकर दूधेश्वर नाथ मठ में सुबह से पूजन लगातार जारी
श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में बुधवार की प्रात: 9 बजे से ही भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव का षोडशोपचार पूजन चल रहा है। जब तक चंद्रयान 3 लैंडिंग नहीं करेगा, तब तक भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव का षोडशोपचार पूजन रुद्राभिषेक, यज्ञ और चारों वेदों का पाठ किया जाएगा। सभी वैज्ञानिकों के उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक सुदृढ़ता के लिए पूजा की जाएगी।

