Ghaziabad News : नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में शहर हित में स्मार्ट वर्किंग पर ही जोर दिया जा रहा है, जिसमें गाजियाबाद नगर निगम के सभी विभागों के द्वारा तकनीकी माध्यम से स्मार्ट वर्किंग करते हुए कार्य किये जा रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी इसी क्रम में कार्य करते हुए गार्बेज फैक्ट्री को रिस्ट्रक्चर किया गया है, आधुनिक तकनीकी की मशीनों को लगाते हुए एमआरएफ की स्थापना की गई है जिसका नगर आयुक्त द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।
आधुनिक तकनीक से गाजियाबाद में होगा कूड़े का निस्तारण
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद नगर निगम स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर आयुक्त महोदय के निर्देश की क्रम में ट्रिपल पी मॉडल पर स्मार्ट एमआरएफ रेत मंडी गार्बेज फैक्ट्री पर स्थापित किया गया है, इस प्लांट मे गाजियाबाद नगर निगम द्वारा व्यय नहीं किया गया है (IPCA) इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन तथा एसबीआई कार्ड के सी.एस.आर. फंड से कार्य किया गया हैl जिसमें सिटी जोन के कचरे का निस्तारण आधुनिक तकनीकी से युक्त मशीनों के द्वारा किया जाएगा, सुखे कूड़ा रीसायकल किया जाएगा तथा गीले कूड़े से खाद बनेगी।
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नगर आयुक्त ने किया मशीनों का निरीक्षण
गाजियाबाद नगर निगम सिटी जोन अंतर्गत रेत मंडी में बनाए गए, उक्त प्लाट के द्वारा आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान मशीनों को चालू कर कर डेमो भी लिया, सूखे कचरे का एमआरएफ के माध्यम से रीसायकल हेतु प्रोसेस किया जाएगा, जिसके लिए प्लांट पर चार कन्वेयर मशीन भी लगाई गई है, इसी प्रकार गीले कचरे से खाद बनाने के लिए ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्टर मशीन भी लगाया गया है, सूखे कचरे का इस प्लांट में 200 टन कचरा प्रतिदिन प्रोसेस किया जाएगा, तथा गीला कचरा प्रतिदिन 40 से 50 टन प्रोसेस किया जाएगा।
गाजियाबाद नगर निगम आयुक्त ने शहरवासियों से की ये अपील
नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि आगामी सप्ताह में स्मार्ट एमआरएफ प्लांट का उद्घाटन करने की तैयारी है जिसके बाद सिटी जोन के चिन्हित 10 से 15 वार्डों का कचरा प्रथम चरण में निस्तारण करने की कार्यवाही की जाएगी, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शहर वासियों से भी अपील की गई है कि वह अपने कचरे को अलग-अलग करके ही निगम की गाड़ियों में डाला जाये, शहर की कचरे के शत प्रतिशत निस्तारण हेतु शहर वासियों द्वारा कचरे को अलग-अलग करना बहुत जरूरी है जिससे कचरा प्रथकीकरण के माध्यम से बेहतर कार्य शहर हित में होगाl महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त महोदय विक्रमादित्य सिंह मलिक की नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम स्मार्ट वर्किंग कर रहा है जो कि शहर वासियों के लिए धरातल पर सफल होती दिखाई दे रही है, इसी प्रकार अन्य जोन में भी स्मार्ट एमआरएफ लगाने की प्लानिंग चल रही है जो की सराहनीय है।

