Ghaziabad: एक नौकरी घोटाला सामने आया है जिसमें तीन भारतीय राज्यों के युवकों से कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगे गए हैं। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जालसाज गाजियाबाद में बने एक ऑफिस से काम करते थे। पीड़ितों में से एक ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है और फिलहाल जांच चल रही है।
ड्राइवर, रसोइया और क्लीनर के लिए नौकरी के ऑफर
पीड़ितों की शिकायत के बाद आरोपी पुनीत गोयल पर आरोप लगाया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के गोंडा के प्रदीप कुमार मिश्रा भी शामिल हैं। कथित तौर पर करीब दस लोगों से कुल 3.56 लाख रुपए ठगे गए हैं। पुनीत गोयल ने अहिंसा खंड के जयपुरिया सनराइज प्लाजा में बीआरआई ग्रुप के नाम से ऑफिस बनाया था। डिजिटल विज्ञापनों के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के गांवों में नौकरी के अवसरों की जानकारी पहुंचाई जाती थी। इसके चलते बड़ी संख्या में युवा गाजियाबाद स्थित कंपनी के कार्यालय में पहुंचे, जहां उन्हें कुवैत में ड्राइवर, रसोइया, क्लीनर और अन्य पदों पर नौकरी की पेशकश की गई। मिश्रा के अपने जिले के सात लोगों के साथ कथित तौर पर ठगी की गई। शुरुआत में जालसाजों ने उनके पासपोर्ट ले लिए, जिन्हें बाद में कूरियर के जरिए उनके पास वापस भेज दिया गया। इसके बाद पीड़ितों को फर्जी वीजा मुहैया कराया गया। इन वीजा के अनुसार, उन्हें 20 मई को कुवैत के लिए रवाना होना था।
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पुलिस का बयान
इंदिरापुरम के एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि फर्जी वीजा भेजने के बाद जालसाजों ने पूरा भुगतान ले लिया। जब पीड़ितों को 20 मई को उनके जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने पुनीत से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका फोन बंद मिला। वीजा की जांच करने पर पता चला कि वे फर्जी थे। एसीपी सिंह ने पुष्टि की कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस संभावित नौकरी चाहने वालों से आग्रह कर रही है कि वे किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले नौकरी के प्रस्ताव और वीज़ा की प्रामाणिकता की पुष्टि कर लें, ताकि वे इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न बनें।

