Ghaziabad: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के चर्चित तरुण पंवार हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें अंजलि नाम की महिला के अलावा एक नाबालिग समेत कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। घटना 16 अगस्त की है, जब तरुण को धोखे से बुलाकर गला घोंटकर हत्या की गई और शव के टुकड़े कर बुलंदशहर की एक नहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने शव के टुकड़े करने में इस्तेमाल दरांती और फावड़ा बरामद करने का दावा किया था। साथ ही, नहर से एक कटा हुआ पैर भी बरामद किया गया था।
चार्जशीट में नौ आरोपी शामिल
नंदग्राम थाना पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किए गए बुलंदशहर के खरकाली गांव निवासी पवन और वंश के अलावा अंजलि, उसके बहनोई अक्षय, और अन्य आरोपियों जीते, अंकुर, मनोज, अंकित और एक नाबालिग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
अंजलि और तरुण के रिश्ते बने विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, अंजलि अपने पति से अलग होकर राजनगर एक्सटेंशन की कायमोरा सोसायटी में रहती थी। यह फ्लैट उसे उसके बहनोई अक्षय ने दिलवाया था। तरुण पंवार, जो उसी इलाके में रहता था, अंजलि से बात करता था। यह बात अंजलि के बहनोई अक्षय और पवन को पसंद नहीं थी।
16 अगस्त को ऐसे रची गई साजिश
घटना वाले दिन नाबालिग ने तरुण को फोन कर एक साइट दिखाने के बहाने मोरटा में किराए के कमरे पर बुलाया। वहां पहले से ही पवन, वंश, दीपांशु, जीते, अंकुर और अंकित मौजूद थे। जैसे ही तरुण कमरे में दाखिल हुआ, आरोपियों ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद नाबालिग ने डंडे से उसके सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नहर में फेंका
तरुण की हत्या के बाद पवन और वंश ने उसकी किया सोनेट कार को नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल की पार्किंग में खड़ा कर दिया। पुलिस ने हत्या के पीछे तरुण और अंजलि के बीच बढ़ती नजदीकियों को मुख्य कारण बताया है।
पुलिस का खुलासा
पुलिस ने 24 अगस्त को मामले का खुलासा किया था, जब अंजलि, पवन और वंश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि पवन और अक्षय ने मिलकर इस साजिश को रचा और बाकी आरोपियों को साथ लेकर तरुण की हत्या की योजना बनाई।
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साक्ष्य और जांच
पुलिस ने इस मामले में नहर से बरामद शव के हिस्सों और घटनास्थल से मिले सबूतों को चार्जशीट में शामिल किया है। साथ ही, दरांती और फावड़ा जैसे उपकरणों को भी बरामद किया गया है, जिनका इस्तेमाल शव के टुकड़े करने में किया गया था।

