गाजियाबाद में कांग्रेसी पार्षद अजय शर्मा ने भी एक प्रेस वार्ता के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते आरोप लगाया है कि चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के लिए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। पिछले दिनों निकाली गयी टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए नए सिरे से इस टेंडर प्रक्रिया आमंत्रित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ठेकेदारों को टेंडर दे दिए गए,जो शर्तों का पालन नहीं कर रहे थे।
टेंडर मैनेज को लेकर ठेकेदार पर उठे सवाल
टेंडर को मैनेज करते हुए ठेकेदारों को दिया गया। उन्होंने नगर आयुक्त से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार के द्वारा शपथ पत्र नहीं दिया गया था,उसके पक्ष में टेंडर छोड़ दिए गए।उन्होंने कहा कि निगम के निर्माण विभाग के द्वारा 15 वां वित्त आयोग के अंतर्गत प्रस्तावित कामों के टेंडर की सूचना समाचार पत्रों में 25 अगस्त को प्रकाशित करायी गई थीं तथा 19 सितंबर को अपलोड किए गए थे। जिस दिन टेंडर अपलोड किए गए,उसी दिन टेंडर मैनेज कर लिए गए।
चंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का हुआ काम (कांग्रेस पार्षद )
नगर आयुक्त के सामने भी उस वक्त मुददा उठाया गया था। कुछ ठेकेदारों के कागज अधूरे मिलने पर उन्हें टेंडर प्रक्रिया से अलग कर दिया गया था। गुपचुप तरीके से उन्हीं ठेकेदारों को काम दे दिए गए। कांग्रेस पार्षद ने प्रेस वार्ता के माध्यम से नए सिरे से टेंडर कराए जाने पर जोर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। नगर निगम के द्वारा 15 वां वित्त आयोग के अंतर्गत निकाले गए टेंडर पर विधायक सुनील शर्मा भी सवाल उठा चुके है। कुछ दिनों पूर्व एक पत्र के माध्यम से उन्होंने नगर आयुक्त से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया था।

