गाजियाबाद। मेयर सुनीता दयाल की अगुवाई में भारी पुलिस फोर्स के साथ पूर्व पार्षद द्वारा कब्जाई जमीन खाली कराई गयी। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। खाली करायी गयी जमीन 2.334 हेक्टेयर जमीन है। इसकी कुल माप लगभग दस बीघे है। खाली कराई गयी जमीन पर बनी मस्जिद को नहीं छेड़ा गया। मौके पर ही नगर निगम के अधिकरियों ने मलबे को बोली के जरिए कबाड़ में बेच दिया। मेयर सुनीता दयाल ने बताया कि खाली करायी गयी जमीन पर आम जनता के काम में आने वाला सार्थक चीज बनाई जाएगी। संभवत: खाली कराई गयी जमीन पर सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाए इससे गरीब लोगों की शादी और अन्य पारिवारिक सामारोह आसानी से हो सकेगा। मौके पर मौजदू एसडीएम विनय सिंह का कहना है कि खाली जमीन पर नगर निगम का कब्जा मौके पर करा दिया गया।
तय समय पर जमीन खाली कराने पहुंच गयी मेयर के साथ टीम
उल्लेखनीय है कि मेयर सुनीता दयाल ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर नगर निगम के पूर्व पार्षद हाजी खलील पर निगम की 23000 वर्ग मीटर लगभग दस बीघे जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने अधिकारियों को अवैध कब्जा हटवाने और पूर्व पार्षद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस मामले में नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस, पीएसी उपलब्ध कराने और मजिस्ट्रेट को नामित करने की मांग की थी उन्होंने पत्र में बताया था कि ग्राम कैला के खसरा संख्या 213/3 और 213/4, कुल क्षेत्रफल 2.334 हेक्टेअर की नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। प्रशासन की ओर एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह मय फोर्स के साथ नगर निगम के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। मेयर सुनीता दयाल इस कार्रवाई की अगुवाई कर रही थी। उनके साथ भाजपा पार्षद राजीव शर्मा उपस्थित थे।
धार्मिक स्थल छेड़ेंगे नहीं, बाकी कब्जा छोड़ेगे नहीं
मौके पर पहुंची टीम को कब्जाई गयी जमीन के बीचाबीच एक मस्जिद मिली। मस्जिद को तोड़ने के लिए मेयर सुनीता दयाल ने मना कर दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जमीन पूर्व पार्षद हाजी खलील द्वारा कब्जायी गयी थी। यह गैरकानूनी है। इस जमीन के बीच में एक मस्जिद है। उसे नहीं तोड़ा गया। मेयर ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है। इसलिए वह धार्मिक स्थल छेडेंगी नहीं बाकी कब्जायी गयी जमीन का एक इंच हिस्सा छोड़ेंगे नहीं। इसलिए मौके पर लोगों को नमाज पढ़ने दी गयी बल्कि इस दौरान कुछ देर के लिए कार्रवाई भी रोक दी गयी।
कब्जाई गयी जमीन पर स्कूल के साथ बने थे टेंट हाउस के गोदाम
पूर्व पार्षद हाजी खलील द्वारा कब्जायी गयी जमीन का उपयोग शातिर तरीके से किया जा रहा था। उसके लोगों की भावनाओं को जीतने के लिए बीच में मस्जिद का निर्माण कराया था। इसके अलावा बच्चों के लिए स्कूल भी बनाया गया था। इसकी आड़ में यहां पर बाकायदा एक टेंट हाउस का संचालन होता था। जबकि कई दुकानें बनाकर उनसे बाकायदा किराया वसूला जाता था। इसके अलावा कई गोदाम पूर्व पार्षद ने किराए पर भी दे रखी थी। एसडीएम विनय सिंह ने बताया कि यह कब्जा तीन दशक पुराना था।
आठ जेसीबी मशीनों में दो हो गयी खराब
बड़ी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम ने पहले पांच जीसीबी मंगायी थी। लेकिन कार्रवाई बड़ी होने के कारण तीन महीने और भी मंगवानी पड़ी। बीच में दुकाने तोड़ते समय दो जसीबी मशीनों का पिछला हिस्सा यानि टेल टूट गया। इसके बाद तीन और जेसीबी मशीने मंगवायी गयी। इस दौरान आसपास की सड़के जाम हो गयी थी। मौके पर दो ट्रैफिक के सिपाही भी भीड़ नियंत्रण करने के लिए पहुंचे थे।
मौके पर नगर निगम अधिकारियों को मिली कबाड़ बेचने की जिम्मेदारी
मौके पर निकले मलबे को लेकर निगम को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों की एक मत में राय थी कि अगर यहां मलबा छोड़ा गया तो रात में ही सारा मलबा गायब हो जाएगा। इसलिए मौके पर ही कबाड़ी बुलाकर मलबे को कबाड़ केक रूप में मन बनाया गया। सफाई की जिम्मेदारी के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथिलेश सिंह को साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गयी। इसके अलावा सहायक नगर आयुक्त अरूण यादव को सभी अधिकारियों के सामने ही मलबे को नीलाम करने के लिए कहा गया। इसमें सभी अधिकारियों ने सहयोग किया।
कारवाई से पहले सामान निकालने का पूरा समय दिया गया
नगर निगम ने कार्रवाई से पहले वहां रखे समान को ले जाने की इजाजत सबको दी। मौके पर मौजूद राजीव शर्मा और पूर्व पार्षद जाकिर सैफी ने लोगों को सामान ले जाने के लिए पूरा मौका दिया। राजीव शर्मा ने बताया कि हमारी जिम्मेदारी अवैध निर्माण तोड़ने की है। लोगों के सामान से दुश्मनी नहीं है। इसलिए सभी लोगों को गोदाम और दुकानों से सामान निकलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। इस दौरान लोगों ने अपना सामान निकाल भी लिया।
रेलवे वाले हिस्से को भी करा लिया गया खाली
नगर निगम के बुलडोजर रेलवे की जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण को भी हटा दिया। हालांकि इस दौरान एसडीएम सदर ने मेयर से कहा कि इसके लिए अलग से समय लेकर जमीन खाली करायी जाएगी। लेकिन मौके पर मौजूद मेयर सुनीता दयाल ने रेलवे वाले हिस्से को भी खाली कराने का आदेश दे दिया। इस दरम्यान चलते बुलडोजरों ने रेलवे वाले हिस्से से भी अतिक्रमण हटा दिया।
खाली कराई जमीन पर बनेगा सामुदायिक केंद्र: मेयर
मेयर सुनीता दयाल ने बताया कि कैलाभट्ठा जैसी घनी आबादी वाले इलाके में एक साथ दस बीघे जमीन नहीं है। इसलिए यहां पर गरीबों के लिए सामुदायिक केंद्र यानि बारातघर का निर्माण किया जाएगा। इससे निम्न आय वर्ग के लोगों को शादी विवाह के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा यहां पर बाहर की तरफ दुकानें बनाने का सुझाव उन्होंने प्रथम दृष्टया दिया ताकि नगर निगम को भविष्य में नियमित आमदनी होती रहे।

