संपूर्णानंद उर्फ काले अंजे की बुधवार को Ghaziabad की डासना जेल में मौत हो गई। मौत का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है और शव को वीडियोग्राफी के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
डासना जेल के वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि अंजे को 15 जून को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के चलते जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात उसकी हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल से संजय नगर जिला संयुक्त अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। आज सुबह उसकी मौत हो गई। अंजे 22 सितंबर 2022 से जेल में बंद था, जब उसे Ghaziabad की सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
रंगदारी के आरोप में Ghaziabad जेल में था आरोपी
काले अंजे पर एक कार कारोबारी से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप था। Ghaziabad पुलिस ने रंगदारी में इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर और होंडा सिटी कार जब्त की थी। अंजे ने 12 जुलाई को कारोबारी की कार में बैठे प्रदीप शर्मा और अमित चौधरी पर कथित तौर पर हमला किया था। इस घटना के बाद उसने कथित तौर पर रिवॉल्वर दिखाकर उन्हें धमकाया और 20 लाख रुपये मांगे, न देने पर जान से मारने की धमकी दी। 19 सितंबर को मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात लोगों ने फिर अंजे के नाम पर 20 लाख रुपए मांगे। इस मामले में अंजे 22 सितंबर 2022 से डासना जेल में बंद थे।
बीजेपी नेताओं कए साथ वायरल हुई थी तस्वीरें
काले अंजे की कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई थीं। उनकी ज्यादातर तस्वीरें पूर्व केंद्रीय मंत्री और Ghaziabad से पूर्व सांसद वीके सिंह के साथ थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्षद के तौर पर चुनाव लड़ने का संदेश देने के लिए एक पोस्टर में मंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल किया था। हालांकि बाद में जनरल वीके सिंह के पीए कुलदीप चौहान ने सफाई देते हुए कहा, कई लोग उनसे हर रोज मिलते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनका अपने सांसद से कोई संबंध या जानकारी है। जब कोई किसी से मिलता है, तो पहले पुलिस जांच नहीं होती। कुछ लोग इसमें एजेंडा तलाश रहे हैं। हमें उनकी मानसिकता पर शक होना चाहिए।

