ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब आपको दादरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निजी मोटर ट्रेनिंग सेंटरों पर जाना पड़ेगा। एक अगस्त से सेक्टर 33 आरटीओ कार्यालय अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी नहीं करेगा। एआरटीओ प्रशासनिक सियाराम वर्मा के अनुसार जिले में दो निजी मोटर ट्रेनिंग सेंटरों को परिवहन आयुक्त ने मंजूरी दे दी है। साथ ही दो और मोटर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही खुलेंगे।
ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए सरकार ने मांगे थे आवेदन
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी जिलों से निजी मोटर ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसी कड़ी में जिले में दो मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं। पहला सेंटर “मेसर्स शिवम मार्वल मोटर ट्रेनिंग सेंटर” नाम से दादरी के बिसाहड़ा के पास स्थित है। इस सेंटर को 24 जुलाई को टेस्ट ऑथराइजेशन दिया गया था और एक अगस्त से यह डीएल टेस्टिंग से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करेगा। हर दिन स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 300 स्लॉट आवंटित किए ाएंगे। जिले में हर महीने 3,187 स्थायी लाइसेंस के लिए टेस्ट आयोजित किए जाते हैं। इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साई फायर अप्लायंस प्राइवेट लिमिटेड सेंटर को भी डीएल टेस्टिंग के लिए अधिकृत किया गया है। इसके अलावा दो अन्य सेंटर मेसर्स एक्सेलरेट इंस्टीट्यूट और मेसर्स वाईबी बिल्डर्स को भी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मंजूरी मिली है।
पिछले साल 49,482 ड्राइविंग लाइसेंस हुए थे जारी
गौतमबुद्ध नगर में एक अगस्त से खुलने वाले प्रदेश के पहले ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन सेंटरों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें टेस्ट के लिए विशेष व्यवस्था होगी। फिलहाल एआरटीओ दफ्तर में रोजाना करीब 200-300 आवेदक आते हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में पांच लाख से ज्यादा अस्थायी और स्थायी डीएल धारक हैं। यातायात उल्लंघन के चलते दो लाख से ज्यादा के लाइसेंस निलंबित हो चुके हैं। अभी लाइसेंस बनवाने के लिए एआरटीओ दफ्तर में टेस्ट देना होता है। टेस्ट और विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीएल जारी होता है। 2023 में 49,482 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किये गये।

