कहते है कि प्यार न जात देखता है न कोई मजहब , प्यार तो अपने यार को देखता है। और उसे पाने की चाह में वह किसी भी हद तक कर गुजरता है।कुछ यही देखने को मिला झांसी के मऊरानीपुर में जहा एक प्रेमी जोड़े ने कोतवाली के पीछे बने मंदिर पर एक दूसरे को वरमाला पहनाकर जीवन भर एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसम खाई।
बता दे कि एक मऊरानीपुर की युवती रश्मि पटेल की आंखे डेढ़ वर्ष पूर्व झांसी खिरकपट्टी निवासी गौरव गौतम पुत्र जयप्रकाश से लड़ गई । पहले दोनो दोस्त बने फिर प्यार परवान चढ़ने लगा। तो युवक ने ओरछा ले जाकर मंदिर पर युवती की मांग में सिंदूर भर दिया और मऊरानीपुर में जहा युवती रहती थी। वहा पति बनकर आने जाने लगा । लेकिन दो माह पूर्व जब युवती गर्भवती हुई तो युवक के होश उड़ गए। और वो कोर्ट मैरेज करने में आना कानी करने लगा । और युवती से पीछा छुड़ाने की बात करने लगा। जैसे ही युवती ने उसके इरादे जाने तो वो सतर्क हो गई । और युवक को किसी बहाने मऊरानीपुर बुलाया और इसकी सूचना पहले से ही युवती ने पुलिस व आस पास के लोगो को दे दी । और जैसे ही युवक घर आया युवती के इशारे पर तुरंत ही आस पास के लोगो ने पुलिस बुलाकर उसे कोतवाली भेज दिया। लगभग छ सात दिन युवक बहाने बनाता रहा लेकिन युवती उसकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं थी । और सिर्फ शादी करने की जिद पर अड़ी रही ।
जब पूरा मामला कोतवाली प्रभारी तुलसीराम पांडे के संज्ञान में लिया तो उन्होंने रश्मि और गौरव को एक साथ बैठाकर समझाया और फिर युवक युवती के साथ शादी करने को तैयार हो गया। जिसके बाद दोनो ने कोतवाली के पीछे बने मंदिर पर एक दूसरे को वरमाला पहनवाकर और सिंदूर भरकर शादी की रस्में पूरी करते हुए विदाई कर दी।

