(Noida Land Fraud)13 जालसाजों ने मिलकर बिल्डर को सरकारी जमीन अवैध रूप से बेच दी। सेक्टर-44 में स्थित करीब सात बीघा जमीन को 1.57 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। यह सौदा 2015 में हुआ था। जब बिल्डर जमीन पर कब्जा लेने गया तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। बिल्डर ने सेक्टर 24 थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।पीड़ित ने अब जालसाजों से ठगी गई रकम वापस पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट के आदेश के बाद नौ साल बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सरकारी जमीन की अवैध बिक्री
बुलंदशहर निवासी रोहित सेजवाल ने बताया कि उनकी कंपनी बिल्डिंग डेवलपमेंट का काम करती है और कश्मीरी गेट के पास मदरसा रोड पर स्थित है। रोहित की शिकायत में बताया गया है कि 2015 में सतीश नाम के व्यक्ति ने कंपनी के मैनेजर से संपर्क किया और सेक्टर 44 में सात बीघा का प्लॉट दिखाया। फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल किए सतीश ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर मैनेजर को झांसा दिया। इसके बाद मैनेजर ने कंपनी मालिक को जमीन दिखाई, जिसने भी इसे खरीदने की हामी भरी।
Noida पुलिस कर रही Land Fraud की जांच
इसके बाद 9 नवंबर 2015 को सात बीघा जमीन में से 11 बीघा जमीन 65 लाख 75 हजार रुपये में बेच दी गई। इसके बाद सतीश ने मैनेजर को एक कथित परिवार से मिलवाया, जिसने बाकी जमीन में हिस्सा होने का दावा किया। इस में रोहिणी, मिंटू, मुकेश, अमित, सुमित, रविंद्र, वीरेंद्र, प्रमोद, जितेंद्र, दीपा, मूर्ति, अशोक और अन्य शामिल थे।
1.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
पूरा परिवार धोखाधड़ी (Noida Land Fraud) में शामिल रोहित का आरोप है कि धोखाधड़ी में पूरा परिवार शामिल है। 19 नवंबर को 21 लाख रुपये में दूसरी डीड की गई। इसके बाद 43 लाख रुपये में एक और डीड की गई और 27 लाख रुपये में चौथी डीड की गई, जिससे कुल 1.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। कोर्ट के आदेश के बाद सेक्टर 24 थाना पुलिस ने मामला फिर से दर्ज कर लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

