उत्तरप्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। अतिक्रमण हटाने के दौरान माँ बेटी की जलकर दर्दनाक मौत हो गयी है। बात दें कि कानपुर में प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा रही है। इस अभियान के दौरान प्रशासन जब कानपुर देहात के मैथा तहसील की मड़ौली पंचायत के चाहला गांव में ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची तभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की टीम के सामने ही झोपड़ी के भीतर मां-बेटी जिंदा जल गयी।
आक्रोशित लोगों का हंगामा
इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए। आक्रोशित लोगों ने आग लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और एसडीएम, रुरा इंस्पेक्टर, तहसीलदार व लेखपाल समेत गांव के 10 लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग करने लगें।
पांच करोड़ रूपय, सरकारी नौकरी और आवास की मांग
देर रात तक प्रशासन लोगों और परजिनों को समझते रहे लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। सुबह उच्चाधिकारी फिर से परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन परिजन पांच करोड़, सरकारी नौकरी और दोनो बेटों के लिए आवास की मांग पर अड़े हुए हैं। बता दें कि परिजनों की शिकायत पर कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसडीएम, रूरा, एसओ, लेखपाल समेत 24 पर एफआईआर दर्ज की गयी है।
डीएम से भूमि कब्जा करने की शिकायत
गौरतलब है कि सोमवार को जनता दरबार में डीएम नेहा जैन से मड़ौली गांव के कुछ लोगों ने ग्राम समाज की भूमि पर गांव के ही कृष्ण गोपाल दीक्षित उर्फ राघव का कब्जा होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दोपहर तीन बजे एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक, राजस्व व रुरा इंस्पेक्टर के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रशासन के सामने मां – बेटी जिंदा जली
राजस्व विभाग की टीम ने बुलडोजर से कब्जा हटना शुरू किया। तभी अचानक वहां बनी कृष्ण गोपाल की झोपड़ी में आग लग गई। घर में मौजूद कृ्ष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला (54) और बेटी शिवा (22) लपटों के बीच फंस गईं और जलकर मर गई।
परिजन का आरोप
मृतक के परिजन का कहना है कि टीम के कब्जा हटाने के दौरान गांव के कुछ लोगों ने झोपड़ी में आग लगा दी। पत्नी प्रमिला और बेटी शिवा भीतर सो रही थी। आग से दोनों जिंदा जल गईं।
डीएम की सफाई – मां-बेटी ने खुद लगाई आग
डीएम नेहा जैन ने बताया कि कृष्ण गोपाल का ग्राम समाज की गाटा संख्या 1642 की जमीन पर कब्जा था। गांव के लोगों की शिकायत पर एसडीएम को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीएम पुलिस की टीम के साथ कब्जा हटवाने गए थे। तभी मां-बेटी वहां बनी झोपड़ी में भीतर गईं और खुद को आग लगा ली।
झोपड़ी से लपटें निकलती देख रुरा इंस्पेक्टर व कृष्ण गोपाल ने दोनों को बचाने के प्रयास किए इस दौरान वे दोनों भी झुलस गए। पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

