होली प्यार का त्योहार है। कहा जाता है कि कान्हा ने ही इस त्योहार की शुरूआत राधा को रंग कर की थी तो दूसरी तरफ ये कहानी भी काफी प्रचलित है कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी लेकिन प्रह्लाद विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था उसने अपने प्रभु का लगातार जाप किया और उसे कुछ नहीं हुआ और होलिका जलकर खाक हो गई। तभी से बुराई पर अच्छाई की विजय के लिए होली का त्योहार मनाया जा रहा हैं।
होली के दिन दुश्मनों के भी गले लगाकर प्यार से अबीर गुलाल में रंगकर पुराने सारे गिले-शिकवे भुलाने का दिन भी होता है। सारे दुख तकलीफ मिटाकर आनंद, उत्साह, खुशी और प्रेम से एक दूसरे के साथ मिलने जुलने का पर्व होता है होली।
देशभर में होली के पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं जिसे 7 मार्च और 8 मार्च को होली के पावन पर्व देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा जिसको लेकर शहर में गुलाल और रंग फैक्ट्रियों में बड़ी मात्रा में अबीर और गुलाल तैयार किया जा रहा है।
जहां फैक्ट्री में इस बार फूलों से तैयार किया जा रहा अबीर की बाजार में ज्यादा डिमांड आ रही है जिसे पूरा करने के लिए अबीर गुलाल बनाने वाले फैक्ट्री कर्मी तेजी से काम करने में जुटे हुए हैं फैक्ट्री कर्मी की माने तो उनका कहना है कि आरारोट और फूलों को मिलाकर उनके द्वारा अबीर गुलाल तैयार किया जाता है।
फैक्ट्री कर्मियों का कहना है इसे लगाने के बाद किसी को कोई नुकसान ना हो सके वही आपको बता दें कि बाजारों में भी होली के पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है वहीं बाजारों में भी रंग बिरंगी पिचकारिया भी जगह-जगह साफ तौर पर देखी जा सकती है तो वही लोग भी अभी सही बाजारों में पहुंचकर होली की खरीदारी भी करते हुए नजर आने लगे हैं।
वही होली का पर्व एकता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए आयोजित किया जाता है ऐसे में आप सभी से अपील है कि फूलों से बने हुए रंग और गुलाल का इस्तेमाल करें ताकि रंगो के इस महापर्व को अच्छे से बनाए।

