उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार रात 10 बजे से 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल की वजह से प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम लोगों को हो रही दिक्कतों को लेकर नाराज हो गए है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर आम लोगों को हो रही दिक्कतों के बारे में सवाल किया। इस पर अधिकारियों ने जब बताया कि कुछ कर्मचारी व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी हालत में असुविधा नहीं होनी चाहिए।
शाम छह बजे तक हड़ताल वापस नहीं लिए तो होंगे बर्खास्त
बता दें कि मुख्यमंत्री की बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज शाम छह बजे तक हड़ताल समाप्त करके वे काम पर वापस नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। हलांकि ऊर्जा मंत्री ने विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल को असफल बताते हुए यह भी कहा कि सरकार वार्ता के लिए अभी भी तैयार है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार विद्युत कर्मियों की हर सुविधा का ध्यान रखती है। घाटे के बावजूद सरकार ने उन्हें बोनस दिया, लेकिन यदि कोई कानून अपने हाथ में लेता है और बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील भी की है।
मंत्री ने बताया कि अब तक 1332 संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त की गई है। शाम तक अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। एजेंसियों को नोटिस भी जारी की गई है। जहां बर्खास्तगी की कार्रवाई हो रही है, वहां दूसरी एजेंसी और इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की सेवाएं ली जा रही हैं।

