प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को फिरोजपुर जिले में मिट्टी और भूजल प्रदूषण से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित छापेमारी की। पंजाब, दिल्ली और मध्य प्रदेश स्थित शराब कंपनी मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के सात परिसरों पर छापेमारी की गई। कंपनी का स्वामित्व और नियंत्रण शराब कारोबारी दीप मल्होत्रा और गौतम मल्होत्रा और उनके परिवार के पास है।
4 किलोमीटर के दायरे में हो रहा मिट्टी और भूजल प्रदूषण
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ओएसिस ग्रुप ऑफ कंपनीज का हिस्सा है। आरोप है कि शराब कंपनी की एक फैक्ट्री कथित तौर पर बोरवेल के जरिए औद्योगिक कचरे को जमीन में जमा कर रही है, जिससे फिरोजपुर जिले की झीरा तहसील में फैक्ट्री के 4 किलोमीटर के दायरे में मिट्टी और भूजल प्रदूषण हो रहा है। यह मुद्दा संसद में उठाया गया था, जिसके बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा झीरा तहसील में फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया था।
भूजल को प्रदूषित करना एक गंभीर अपराध
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की थी। धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत भूजल को प्रदूषित करना एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसलिए ED ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री की इस हरकत के खिलाफ कई गांवों के किसान लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे और प्रशासन से फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

