इन दिनों देश में आस्था को लेकर काफी चर्चा छिड़ी हुई हैं ऐसा इसलिए क्योंकि जबसे बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के ऊपर कई दावे और चमत्कार पर चुनौती बढ़ना है। ताली बजाते चुटीले अंदाज़, पर्चे पर भक्तों के सवाल, सनातन धर्म की बातें, चमत्कार, केंद्रीय मंत्रियों को आशीर्वाद, अजीब बर्ताव, विवादित बयान, ज़मीन पर क़ब्ज़े के आरोप धीरेंद्र शास्त्री की शख़्सियत के पर उठते हैं।
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र बाबा को लेकर ये भी दावा किया जाता है कि वह दूसरे व्यक्ति के मन की बात जान सकते हैं और उस व्यक्ति के बारे में सारी जानकारी बता सकते हैं, हमेशा चर्चा में रहते हैं। देशभर में कई जगहों पर बागेश्वर बाबा दरबार लगाते हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
जहां कुछ लोग धीरेंद्र शास्त्री के पक्ष में हैं उनके अटूट अनुयायी हैं तो दूसरी तरफ कुछ लगो ऐसे भी हैं जो उनके विरोध में हैं। बागेश्वर बाबा का दरबार अब 18 और 19 मार्च को मुंबई में आयोजित किया जाएगा लेकिन राजनीति मे इसको लेकर हलचल बढ़ गई है क्योंकि मुंबई में नगरपालिका चुनाव भी इसी दिन हैं ऐसे में पहले से ही वहां का माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कड़ा विरोध किया है।
नाना पटोले ने कहा कि हम मुंबई में बागेश्वर बाबा का कोई कार्यक्रम नहीं होने देंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के नागपुर में बागेश्वर बाबा का दरबार लगा था। उस समय भी अंधविश्वास उन्मूलन समिति की ओर से बागेश्वर बाबा को चुनौती दी गई थी।
हालांकि बीजेपी ने बागेश्वर धाम का स्वागत किया है और कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने कहा, “कांग्रेस नेताओं को हिंदू समाज और साधु तब याद आते हैं जब चुनाव पास होते हैं। चुनाव बीत जाने के बाद इनकी नौटंकी खत्म हो जाती है। अध्ययन के आधार पर अगर विरोध हो तो उसपर चर्चा की जा सकती है। केवल हिंदु साधु के नाम पर कांग्रेस जो विरोध कर रही है, वह दर्शाता है कि वह हिंदू विरोधी हैं।”

