देश की राजधानी दिल्ली में 2 साल पहले दिल्ली पुलिस में एक महिला कॉन्स्टेबल लापता हो गई थी पुलिस ने महिला की दो साल तक तलाश की और अब जाकर महिला पुलिस कॉन्स्टेल की मिस्ट्री सुलझ गई है और रहस्य पर पर्दा उठने के बाद दिल्ली पुलिस के पैरों तल जमीन ही खिसक गई।
जिसको बुलाया डैडा वही निकला मोना का हत्यारा
2014 में मोना ने दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल पद ज्वाइन किया वहीं सुरेंद्र नाम के कॉन्स्टेबल से मोना की मुलाकात हुई दोनों ही पीसीआर में तैनात थे मोना सुरेंद्र को पिता मानने लगी और उन्हें डैडा बुलाती थीं और सुरेंद्र भी मोना को बेटा बुलाता था इसके बाद शुरू होती है असली कहानी राणा ने मोना पर बुरी नजर रखना शुरू कर दिया था और इस बीच मोना ने कॉन्स्टेबल की नौकरी छोड़ दी थी क्योंकि वह हायर सब इंस्पेक्टर सेलेक्ट हो चुकी थी और UPSC में भी चांसेस थे।
मोना के सपनों को सुरेंद्र राणा ने कर दिया चूर चूर
मोना का सपना IAS या PCS बनने का था इसलिए वो दिल्ली के मुखर्जी नगर में तैयारी करने के लिए चली गईं लेकिन सुरेंद्र राणा मोना को तंग करने लगा था और उसने अपनी नाजायज मांग मोना के सामने रख दी लेकिन मोना ने इनकार कर दिया तो सुरेंद्र राणा मोना को बुराड़ी पुश्ता ले आया और वहां उसका गला घोटकर हत्या कर दी और पास के नाले में डुबो दिया शव किसी को ना दिखाई दे तो उसने लाश के ऊपर पत्तथर रख दिया।

