Delhi News: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी विभव कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। विभव राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक सभी प्रमुख गवाहों से पूछताछ नहीं हो जाती, विभव कुमार केजरीवाल के निजी सचिव के तौर पर काम नहीं करेंगे और न ही मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में प्रवेश करेंगे।
कोर्ट ने गवाहों की गवाही पूरी होने तक मामले के बारे में बोलने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विशेष कोर्ट को तीन सप्ताह के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, विभव को इस दौरान कोई भी आधिकारिक पद लेने से रोक दिया गया है।
18 मई को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
गौरतलब है कि 18 मई को दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार को केजरीवाल के घर से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने मामला दर्ज कराया था। एफआईआर में स्वाति ने आरोप लगाया है कि विभव ने बिना किसी उकसावे के उन्हें 7-8 बार थप्पड़ मारे, छाती और कमर पर लात मारी और उनके कपड़े खींचे। यह घटना 13 मई को हुई जब वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर गई थी।
विभव ने लगाया था आरोप
गिरफ्तारी से पहले विभव ने 17 मई को ईमेल के जरिए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने स्वाति मालीवाल पर बिना इजाजत सीएम आवास में जबरन घुसने, उनके साथ बदसलूकी करने, मारपीट करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
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30 जुलाई को कोर्ट ने विभव कुमार के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा 16 जुलाई को दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। यह चार्जशीट 500 पन्नों की थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 100 लोगों से पूछताछ की और 50 से ज्यादा लोगों को गवाह बनाया। 24 अगस्त को दिल्ली कोर्ट ने विभव की न्यायिक हिरासत 13 सितंबर तक बढ़ा दी थी।

