Delhi News: दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 310 पर पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। रविवार को AQI 277 था, जो सोमवार तक 33 अंकों की वृद्धि दर्शाता है। दिवाली के आसपास यह स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, जब राजधानी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक लाल निशान पर पहुंच जाता है। जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए मंगलवार सुबह से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इस योजना के तहत कई सख्त कदम उठाए जाएंगे।
GRAP का दूसरा चरण लागू
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सोमवार को बैठक की और मंगलवार सुबह से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू करने का फैसला किया। इसके तहत कई सख्त कदम उठाए जाएंगे। पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी की जाएगी और सीएनजी, इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। खुले में बायोमास जलाने पर भी रोक लगाई जाएगी। रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सर्दियों के दौरान सुरक्षा कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्म रहने के लिए बायोमास या लकड़ी जलाने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा, किसी अधिकृत एजेंसी द्वारा प्रमाणित दोहरे ईंधन या रेट्रोफिटिंग वाले जनरेटर के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। 62 किलोवाट से लेकर 800 किलोवाट तक के जनरेटर पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। ये कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शादीपुर में वायु प्रदूषण अपने उच्चतम स्तर पर
दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। शादीपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 तक पहुंच गया, जो वायु प्रदूषण के उच्चतम स्तर को दर्शाता है। इसके अलावा, आरके पुरम (493), सोनिया विहार (457), मुंडका (439), आनंद विहार (431), अशोक विहार (420) और जहांगीरपुरी (400) में बेहद खराब वायु गुणवत्ता देखी गई। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रदूषण के कारण सांस लेने में कठिनाई और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने और कार्रवाई करने की जरूरत है।

