Delhi अग्निशमन सेवा (DFS) के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के मालखाना में आग लगने से कम से कम 300 वाहन नष्ट हो गए। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब 125 चार पहिया वाहन और 175 दो पहिया वाहन नष्ट हो गए। डीएफएस के डिविजनल ऑफिसर अशोक कुमार जायसवाल ने बताया, कि दोपहर 2.37 बजे आग लगने की सूचना मिली। जिसके बाद कुल 14 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। घटना में किसी को चोट नहीं आई। हमारी टीम अभी भी घटनास्थल पर काम कर रही है।अधिकारी ने बताया कि यार्ड में 4,000 से अधिक जब्त वाहन खड़े हैं।
Delhi में 300 से अधिक वाहनों के ढेर में लगी आग
जायसवाल ने कहा, यह क्षेत्र पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और आग 300 से अधिक वाहनों के ढेर में लगी थी। हमारी टीमों ने तुरंत आग बुझाना शुरू कर दिया। आग की जांच के लिए कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर आग लगने के दो संभावित कारण हो सकते हैं। जायसवाल ने कहा, एक तो यह कि किसी ने सिगरेट/बीड़ी का टुकड़ा फेंका होगा, जिससे सूखी पत्तियां और झाड़ियां आग पकड़ गईं, या फिर स्वतःस्फूर्त दहन भी आग का कारण हो सकता है, जिसमें वाहन की बैटरी से निकली चिंगारी से यह घटना हुई।
आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चला
अधिकारी के अनुसार, आग बुझाने के लिए 40 अग्निशमन कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वाहन के सीट कवर और पेंट में आग अधिक तेजी से लगती है। आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। Delhi पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों की सही संख्या की जांच संबंधित जिले और पुलिस थानों की सूची और रिकार्ड से की जाएगी। फोरेंसिक विशेषज्ञों और अपराध टीम ने मामले की आगे की जांच शुरू करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
विभाग को आग से संबंधित 8,912 कॉल
दूर से ही घना काला धुआँ दिखाई दे रहा था। बुधवार को पूर्वी Delhi के मधु विहार क्षेत्र में नगर निगम द्वारा संचालित पार्किंग स्थल में आग लगने से 16 कारें नष्ट हो गईं, जहां 100 से अधिक कारें खड़ी थीं। दिल्ली अग्निशमन सेवा को बुधवार को आग से संबंधित कॉलों की संख्या बढ़कर 180 हो गई, जो एक दिन में प्राप्त होने वाली कॉलों की तुलना में लगभग तीन गुना वृद्धि है। अधिकारियों ने इस वृद्धि के लिए राष्ट्रीय राजधानी में चल रही भीषण गर्मी को जिम्मेदार ठहराया है।अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को 220 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें से 183 आग से संबंधित थीं, जो इस साल अब तक की सबसे अधिक कॉल हैं। शेष कॉल पक्षियों और जानवरों के बचाव से संबंधित थीं। सोमवार को डीएफएस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 26 मई तक विभाग को आग से संबंधित 8,912 कॉल प्राप्त हुईं

