Delhi-NCR Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बुधवार को भी राजधानी की हवा “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 रहा। हालांकि बुधवार को प्रदूषण के प्रभाव में थोड़ी कमी महसूस की गई, लेकिन इसके बावजूद लोग सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय प्रदूषण का ज्यादा प्रभाव
इस समय प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में स्थानीय कारणों का ज्यादा योगदान देखा गया। पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी सिर्फ 5% से कम रही, जबकि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण का योगदान 24.617% दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य प्रदूषण स्रोतों का हिस्सा 24.628% रहा। कूड़ा जलाने से 2.337% प्रदूषण हुआ। इस दौरान हल्के स्मॉग की परत के चलते दृश्यता प्रभावित रही।
अगले तीन दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसमी परिस्थितियां अभी भी अनुकूल नहीं हैं। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार, बुधवार को उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलीं, जिनकी गति 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इस कारण स्मॉग की परत बरकरार रही। सीपीसीबी ने अनुमान जताया है कि गुरुवार रात को धुंध छाने और हल्का स्मॉग बने रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं होगा।
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एनसीआर के शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति
- दिल्ली: 303 (बेहद खराब)
- नोएडा: 207 (खराब)
- ग्रेटर नोएडा: 230 (खराब)
- गाजियाबाद: 215 (खराब)
- गुरुग्राम: 217 (खराब)
- फरीदाबाद: 186 (संतोषजनक)
प्रदूषण की इस स्थिति के बीच विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और जरूरत न हो तो घर के अंदर ही रहें। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय-रोगियों को खास सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

