अग्निपथ योजना को लेकर सभी चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्टे ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस स्कीम को लाने का मकसद हमारी देश की सेना को बेहतर करना है ये दश हित में है। कोर्ट ने पुरानी नीति के आधार पर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा ये मांग जायज़ नहीं है।
आज दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा (Justice Satish Chandra Sharma) और सुब्रमण्यम प्रसाद (Subramaniam Prasad) की पीठ ने दायक याचिकाओं पर फैसला सुनाया. वहीं, केंद्र ने अपना तर्क देते हुए कहा था कि अग्निपथ स्कीम डिफेंस रिक्रूटमेंट (Defense Recruitment) में सबसे बड़े नीतिगत बदलावों में से एक है। सेना में भर्ती प्रक्रिया में ये बड़ा बदलाव होगा।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि बाकी 75 प्रतिशत उम्मीदवार चार साल बाद बेरोजगार हो जाएंगे और उनके लिए कोई योजना भी नहीं है। पेश हुए याचिकाकर्ताओं में से एक ने 12 दिसंबर को तर्क दिया था- छह महीने में, मुझे शारीरिक सहनशक्ति विकसित करनी है और हथियारों का उपयोग करना सीखना है। छह महीने बहुत कम समय है, हम राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने जा रहे हैं। इस बारे में भी तर्क दिए गए कि क्या अग्निवीरों के चार साल के कार्यकाल को उनकी समग्र सेवा में गिना जाएगा जब उनमें से एक चौथाई सेना में शामिल हो जाएंगे।
इस योजना को लेकर काफी विवाद भी हो चुका है, क्योंकि योजना के नियमों के अनुसार, साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के लोग इस योजना के तहत देश के प्रहरी के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे, जबरदस्त विरोध के बाद बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था।
केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले साल तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। सरकार ने अब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट आवेदन कर सकेंगे। सेना ने अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को बढ़ा दिया है। प्री स्किल्ड युवा भी अग्निपथ भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे। ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट टेक्निकल ब्रांच में आवेदन कर सकेंगे।
इससे प्री स्किल्ड युवाओं को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा. इतना ही नहीं इससे ट्रेनिंग टाइम भी कम होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब और अधिक युवा उम्मीदवारों को योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा।

