दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद रविवार को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यमंत्री के आत्मसमर्पण के बाद, दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को 5 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सरेंडर करने से पहले मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित किया फिर उसके बाद राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। फिर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी कार्यालय में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सम्बोधन के दौरान केजरीवाल ने कहा, “मैं जेल वापस इसलिए नहीं जा रहा हूं क्योंकि मैं भ्रष्टाचार में शामिल था, बल्कि इसलिए जा रहा हूं क्योंकि मैंने तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई थी। मुझे सुप्रीम कोर्ट ने 21 दिन की राहत दी थी। ये 21 दिन अविस्मरणीय थे। मैंने एक मिनट भी बर्बाद नहीं किया। मैंने देश को बचाने के लिए अभियान चलाया। आप महत्वपूर्ण नहीं है, यह गौण है। देश पहले आता है।
4 जून को INDIA की सरकार : केजरीवाल
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए तीसरी बार सरकार बनाने के एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उन्हें फर्जी करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, वे 4 जून को सरकार नहीं बना रहे हैं। ये एग्जिट पोल आपको डिप्रेशन में डालने के लिए दिमागी खेल हैं।
सरेंडर के दौरान पत्नी सुनीता केजरीवाल साथ रही
केजरीवाल के तिहाड़ जेल पहुंचने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंध लगा दिए गए थे। जेल में सरेंडर करने के दौरान उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ आतिशी, कैलाश गहलोत और सौरभ भारद्वाज समेत कई आप नेता भी उनके साथ थे।

