शनिवार को सेंट्रल हाल में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि CWC ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद स्वीकार करने का अनुरोध किया गया। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि वह इस बारे में सोचेंगे।
CWC की बैठक में राहुल गांधी के प्रयासों की प्रशंसा
ज्ञात हो की राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली और केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है। इस बार चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन भी पिछले चुनावों से बेहतर हुआ हैं। बैठक के बाद मीटिंग में हुए निर्णय को लेकर कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, CWC की इच्छा थी कि राहुल गांधी को विपक्ष का नेता चुना जाए। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अलप्पुझा से नवनिर्वाचित सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा,सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से राहुल गांधी जी से लोकसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया। सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में चुनाव अभियान में राहुल गांधी के प्रयासों की प्रशंसा की गई।
10 साल बाद कांग्रेस को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद
सेंट्रल हाल में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मनीष तिवारी, डीके शिवकुमार और रेवंत रेड्डी समेत कई नेता शामिल हुए। इस पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा हैं। कांग्रेस लोकसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और 2019 के लोकसभा चुनावों में उसकी सीटों की संख्या 52 से बढ़कर 99 हो गई है। 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद यह पहली बार होगा जब कांग्रेस को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद मिलेगा। पिछले 10 सालों में यह पद पाने में विफल रही क्योंकि 2014 और 2019 दोनों ही बार सदन में इसकी सीटों की संख्या कुल सीटों के आवश्यक 10 प्रतिशत से कम थी।

