दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका पर जवाब मांगा है। जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि केजरीवाल चिकित्सा आधार पर अपनी मौजूदा अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य ने उनके लोकसभा चुनाव प्रचार में बाधा नहीं डाली। संघीय एजेंसी ने आगे कहा कि केजरीवाल का आचरण उन्हें किसी भी तरह की जमानत का हकदार नहीं बनाता।
मामले में कोर्ट ने क्या कहा ?
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में दो अलग-अलग जमानत याचिकाएं दायर कीं। पहली जमानत याचिका प्रवर्तन निदेशालय के मामले में नियमित जमानत है और दूसरी अंतरिम जमानत याचिका है जिसमें चिकित्सा आधार पर सात दिन की अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की गई है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 1 जून 2024 की तारीख तय की। इस बीच, अदालत ने ईडी से अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा।
कोर्ट में अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की अपील
केजरीवाल ने पहले अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, हालांकि, बुधवार को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चूंकि उन्हें नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की छूट दी गई है, इसलिए यहां उनकी याचिका स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने 17 मई को आबकारी नीति धन शोधन मामले में ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर करेंगे सीएम
सुप्रीम कोर्ट ने आगे स्पष्ट किया कि चूंकि गिरफ्तारी को चुनौती देने पर आदेश पहले ही सुरक्षित रखा जा चुका है, इसलिए अंतरिम जमानत बढ़ाने की केजरीवाल की याचिका का मुख्य याचिका से कोई संबंध नहीं है। केजरीवाल को 10 मई को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी और उन्हें 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने को कहा गया था।

