लोकतंत्र के महापर्व में आज यानि 4 जून को अहम दिन है। जब देश की 543 लोकसभा सीटों पर हुए मतदान के नतीजे सामने आएंगे। सुबह 8 बजे से Counting शुरू हो जाएगी। इस संबंध में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 81 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) दीपक कुमार और डीजीपी प्रशांत कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित जानकारी दी।
Counting के बाद विजय जुलूस की अनुमति नहीं
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 81 स्थानों पर सुबह 8 बजे से Counting शुरू होगी। पूरी मतगणना प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी जिलों में धारा 144 लागू है और अनावश्यक भीड़भाड़ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान किसी भी तरह के विजय जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि मतगणना के लिए स्थल पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा तैनात की गई है। मतगणना स्थल के भीतरी घेरे में सीआरपीएफ तैनात रहेगी और हर किसी की जांच की जाएगी। महिला कर्मी महिलाओं की जांच करेंगी, किसी भी परिस्थिति में कोई पुरुष अधिकारी महिलाओं की जांच नहीं करेगा।
Counting के दौरान कानून-व्यवस्था पर पुलिस की कड़ी नजर
डीजीपी ने सोशल मीडिया पर अफवाहों को फैलने से रोकने के महत्व पर भी जोर दिया। सोशल मीडिया टीम इस पहलू पर नजर रख रही है। इस चुनाव में कोई बड़ी घटना नहीं हुई, जो पुलिस बल की निष्पक्षता को दर्शाता है। हमारे पास सबूत हैं कि कुछ लोग अधिक लोगों को मतगणना केंद्रों पर इकट्ठा होने के लिए कह रहे हैं। ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है और सभी को सलाह दी जाती है कि वे उनके बहकावे में न आएं। कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। 2022 के चुनाव में शांति भंग करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जिसे सभी याद करते हैं।
80 लोकसभा सीटों पर 851 उम्मीदवार
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर 851 उम्मीदवार जिसमें 771 पुरुष और 80 महिला चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार घोसी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सबसे कम 4 उम्मीदवार कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। आगरा, मेरठ, आजमगढ़, देवरिया, सीतापुर और कुशीनगर जिलों में 2-2 केंद्रों पर मतगणना होगी। 8 लोकसभा क्षेत्रों की मतगणना 3 जिलों में, 37 लोकसभा क्षेत्रों की मतगणना 2 जिलों में तथा 35 लोकसभा क्षेत्रों की मतगणना 1 जिले में होगी। डाक मतपत्रों की गणना जिले के Counting center में आरओ मुख्यालय पर होगी।
स्थल पर इनको जाने से रोक
इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना एजेंटों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति मतगणना एजेंट बन सकते हैं। केंद्रीय/राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद, विधायक, मेयर, नगर परिषद/नगर पालिका के अध्यक्षों को मतगणना एजेंट बनने पर रोक है। इसी तरह केंद्र/राज्य सरकार से सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को भी मतगणना एजेंट बनने पर रोक है। हालांकि निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों जैसे ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य और सांसदों को मतगणना एजेंट बनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

