लोकसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद Delhi Metro फेज 4 में दो नए DMRC Corridor के निर्माण में तेजी आएगी। इसमें इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक मेट्रो कॉरिडोर शामिल हैं, जिनकी लंबाई 20.76 किलोमीटर होगी। उम्मीद है कि इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और साल के अंत तक साइट पर निर्माण शुरू हो सकता है। जागरण डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कॉरिडोर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी और साल के अंत तक साइट पर निर्माण शुरू हो सकता है।
DMRC Corridor के लिए 8,399 करोड़ रुपये का बजट
इन दोनों कॉरिडोर की योजना को केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 13 मार्च को मंजूरी दी थी। अगले ही दिन केंद्र सरकार ने इन दोनों कॉरिडोर का शिलान्यास भी कर दिया, लेकिन अभी तक टेंडर न होने की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के आंकड़ों के अनुसार, फेज 4 के इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए इस साल 28 मार्च को 8,399 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था। इसी लागत से इन दोनों कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। आदर्श आचार संहिता हटने के बाद डीएमआरसी कुछ समय बाद इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए टेंडर निकालना शुरू कर सकती है।
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मिली थी कॉरिडोर को मंजूरी
लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर का पूरा हिस्सा एलिवेटेड होगा। इसलिए इसके निर्माण की प्रक्रिया पहले शुरू हो सकती है। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का एक किलोमीटर हिस्सा छोड़कर बाकी हिस्सा भूमिगत होगा। इसलिए इस कॉरिडोर के निर्माण में चुनौतियां ज्यादा होंगी।इसके अलावा फेज चार में तीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने फेज 4 के लिए निर्माणाधीन तीन DMRC Corridor को मंजूरी दी थी, जिसमें जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर, मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर और तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर शामिल हैं।
तीनों DMRC Corridor की लंबाई 65.20 किमी
Delhi Metro के इन तीनों कॉरिडोर की लंबाई 65.20 किलोमीटर होगी। इन तीनों कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद मेट्रो नेटवर्क 457.64 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। फेज 4 में दो अन्य कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क 478.4 किलोमीटर लंबा हो जाएगा।

