प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली अंतरिम जमानत फिलहाल जारी रहेगी। खेड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।
बता दें कि आज पवन खेड़ा की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी के मौजूद नहीं होने की वजह से कोर्ट ने 20 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया है। 20 मार्च तक पवन खेड़ा को मिली अंतरिम जमानत जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 3 मार्च को असम सरकार ने पवन खेड़ा को मिली अंतरिम जमानत को निरस्त करने की मांग की थी। असम सरकार ने कहा था कि पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के नाम के साथ दामोदरदास की जगह गौतमदास जानबूझकर लगाया। असम सरकार ने कहा था कि पवन खेड़ा के माफी मांगने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल और सोशल मीडिया पोस्ट में गौतमदास का ही जिक्र किया है। असम की हेमंत बिस्वा शर्मा की सरकार ने कहा था कि इस मामले में पवन खेड़ा से पूछताछ की जरूरत है ताकि इसके पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाया जा सके। इससे देश में अशांति पैदा होने का खतरा है।
बता दें कि 23 फरवरी को कोर्ट ने पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत देते हुए दिल्ली के द्वारका कोर्ट से कहा था कि खेड़ा को अंतरिम जमानत दे। उसके बाद द्वारका कोर्ट ने 30 हजार रुपये के मुचलके पर पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सभी एफआईआर को एक जगह जोड़ने की मांग पर असम और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।

