CM Yogi On Mukhtar Ansari Death: मुख्तार अंसारी की मौत (Mukhtar Ansari Death) के बाद से विपक्षी नेता लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि मुख्तार को जेल में जहर देकर मारा गया है. इस बीच मुख्तार अंसारी की मौत के बाद सपा, कांग्रेस, बसपा, राजद समेत कई विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा था. मुख्तार की मौत के बाद कई पार्टियों के नेता उनके पैतृक आवास ग़ाज़ीपुर भी पहुंचे. सियासी घमासान तब और बढ़ गया जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद मुख्तार के परिजनों से मिलने उनके पैतृक आवास गाजीपुर पहुंचे और वहां उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना की.
विपक्ष के इन आरोपों पर सीएम योगी (CM Yogi) ने पहली बार जवाब दिया. एक टीवी चैनल के इंटरव्यू के दौरान सीएम योगी ने कहा कि मरना तो था ही उसको, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ली है, वह कब तक बचेगा? कांग्रेस के लोग उनके साथ थे, समाजवादी पार्टी भी उनके साथ थी. माफिया की मौत पर लोग घर पर जाकर शोक व्यक्त कर रहे हैं. सीएम योगी ने यह भी कहा कि न तो कांग्रेस और न ही सपा ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु पर कोई संवेदना व्यक्त की. लेकिन माफिया की मौत पर वे उसके घर जा रहे हैं. यही फर्क है..और देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’
मुख्तार अंसारी की मृत्यु कब हुई?
करीब तीन साल तक बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की 28 मार्च की शाम मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 29 मार्च को उनकी मौत की न्यायिक और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश जारी किया गया था. मुख़्तार के निधन के बाद से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है क्योंकि मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पूर्वांचल की इस सीट पर सबकी निगाहें हैं.

