शुक्रवार को यूपी विधानसभा के आखिरी दिन के मॉनसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यदव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए सरकार के कई विफल मुद्दों को लेकर जुबानी वार किया तो सीएम योगी भी पीछे नहीं हटे उन्होंने अखिलेश यादव पर करार प्रहार करते हुए एक बड़ा दावा भी ठोक डाला कि साल 2024, 2027 और 2032 में भी उनकी सरकार बनेगी।
अब सीएम योगी के इतने बड़े दावे के बाद विपक्ष के लिए ये एक बड़ा चुनौती होगा। शुक्रवार को विधानसभा सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई जहां सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने योगी सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि इस सरकार ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है तो इस पर सीएम योगी ने जवाब देते हुए कहा अगर महान किसान नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का मानना था कि देश के विकास का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है अगर समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में जरा भी चौधरी चरण सिंह की बातों पर जरा सा भी ध्यान दिया होता और उस पर विचार किया होता, तो संभव है कि उत्तर प्रदेश में अपने इतिहास में किसान आत्महत्या की इतनी अधिक घटनाएं नहीं देखी होतीं अखिलेश यादव को क्लीन बोल्ड कर दिया।
बाढ़ और सूखे को लेकर जब अखिलेश यादव ने गोरखपुर के जलजमाव के मुद्दे को उठाया तो इस पर मुख्यमंत्र योगी ने इसका भी करार पलटवार करते हुए कहा कि केवल नेता प्रतिपक्ष को गोरखपुर का जलभराव याद आया, साथ ही कटाक्ष करते हुए कही हे ग्राम देवता नमस्कार सोने चांदी से नहीं तुमने मिट्टी से किया प्यार हे ग्राम देवता नमस्कार सोने चांदी से प्यार करने वाले किसानो की पीड़ा क्या समझेंगे।
सपा प्रमुख और नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कभी सांड़, गुलदार, कुत्तों से तो कभी किसी जानवर से लोगों की जान जा रही हैं तो इस पर जवाब देते हुए इस पर सीएम योगी ने कहा था कि जिस सांड की आप बात कर रहे हैं वह भी उसी का हिस्सा है जो सांड आप के जमाने में बूचड़खाने का हिस्सा होता था हमारे समय में पशुधन का साधन है।
किसानों को लेकर भी सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष की बात का पलटवार करते हुए कहा देश की 11% कृषि भूमि यूपी में है और 16% आबादी यूपी में है देश का 20% अन्न उत्पादन यूपी में होता है किसानों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने का प्रयास हमारी डबल इंजन सरकार कर रही है।

