CM Yogi: सेमीकॉन इंडिया-2024 का भव्य उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन, डिजाइन और टेक्नोलॉजी डवलपमेंट में वैश्विक लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सात साल के भीतर 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से इस वर्ष फरवरी तक 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश साकार किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश बना मोबाइल उत्पादन का केंद्र
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज न केवल भारत बल्कि दुनिया में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े निर्यातकों में से एक बनकर उभरा है। पिछले कुछ वर्षों में किए गए प्रयासों के चलते, देश के 55% मोबाइल और 50% मोबाइल कंपोनेंट्स का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। सैमसंग इंडिया अपने डिस्प्ले यूनिट के प्लांट की स्थापना भी राज्य में कर रहा है।
सेमीकंडक्टर नीति-2024 लागू
सेमीकंडक्टर उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति-2024 लागू की है। इस नीति के अंतर्गत पूंजीगत सहायता, ब्याज उपादान, भूमि मूल्य, स्टांप और विद्युत शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उद्योग को उत्तर प्रदेश में पनपने का एक अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।
महामारी के दौरान ईकोसिस्टम का विकास
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना महामारी और वैश्विक तनाव के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन पर गहरा प्रभाव पड़ा था। लेकिन उस कठिन समय में भी भारत ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए ईकोसिस्टम विकसित करने के प्रयास किए। आज, उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर डिजाइन का हब बनकर उभर रहा है, जहां प्रमुख कंपनियां नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं।
आईटी सेक्टर को मिला उद्योग का दर्जा
उत्तर प्रदेश ने आईटी इंडस्ट्री को उद्योग का दर्जा दिया है, जिससे आईटी कंपनियों को सस्ती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही, राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर स्टेट का दर्जा प्राप्त किया है और वर्तमान में 27 सेक्टोरियल नीतियां लागू की हैं।
सिंगल विंडो प्रणाली से 450+ ऑनलाइन सेवाएं
उद्यमियों की सुविधा के लिए सरकार ने ‘निवेश मित्र’ नामक सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से 450 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की हैं। साथ ही, एमओयू मॉनिटरिंग के लिए ‘निवेश सारथी’ पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिससे इंसेंटिव वितरण ऑनलाइन किया जा रहा है।
रेल-रोड और लॉजिस्टिक नेटवर्क की मजबूती
उत्तर प्रदेश में रेल और रोड का विशाल नेटवर्क है, जिसमें ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से होकर गुजरते हैं। वाराणसी से हल्दिया के बीच देश का पहला इनलैंड वाटर-वे संचालित है, जबकि दादरी और बोड़ाकी में लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें..
Radha Ashtami 2024: आज है राधाष्टमी, जानिए हिन्दू-धर्म में क्या है इसकी मान्यता
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकास की रफ्तार
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे राज्य का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, टॉय सिटी और अपैरल पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड टाउनशिप और बरेली में मेगा फूड पार्क की परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

