शहीद जुब्बा सहनी की पुन्यथिति पर आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री पत्रकारों से भी मुखातिब हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी शनिवार को लालू प्रसाद यादव के परिवार और आरजेडी नेताओं पर हुई प्रवर्तन निदेशालय के छापे को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिनके ऊपर छापे पर रहे है वे जवाब दे रहे हैं। मैं शुरू से ही इन सभी चीजों से दूर रहा हूं। हमको इस पर क्या कहना है ?
साथ हैं इसलिए रेड हो रही है
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इन सब चीजों पर हमने शुरू से लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कहीं पर कुछ होता है तो उस पर हम कुछ नहीं बोलते हैं। साल 2017 में हुआ था तो भी हम कुछ नहीं बोले। उस वक्त इन कारणों से आरजेडी और जेडीयू अलग हो गई थी। अब पांच साल बाद फिर से रेड हो रही है क्योंकि हम लोग साथ आए हैं। इसमें क्या ही कहेंगे। कितने साल से रेड चल रही। नीतीश कुमार ने कहा कि साल 2017 में वहां बात हुई तो वहां के लोगों की बात मान ली और हम उनके (बीजेपी) के साथ चले गए। फिर इधर आए हैं तो ये सब शुरू हो गया है। अब क्या कहा जाए इसमें, जो भी मामला है। समझ में नहीं आ रहा है ।
नौ विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर दिया जवाब
उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सीबीआई की तरफ से समन दिए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो लोग क्या कर रहा है वो ही जाने । यह सब कोई नयी चीज नहीं है। पहले भी समन किया गया था। मेरी समझ से यह कोई खास इश्यू नहीं है। भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशील कुमार मोदी को तो रोज बोलना ही है। वे रोज-रोज नहीं बोलेंगे तो कैसे होगा ? वे मेरे खिलाफ भी बोलते रहें। इससे हमको कोई मतलब नहीं है।
इसके अलावा केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग को लेकर नौ विपक्षी दलों के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर दस्तखत नहीं करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई इस तरह की बात नहीं है। हम तो इंतजार कर रहे हैं। अलग-अलग पार्टियां अलग-अलग काम करती हैं। इन सब चीजों से हमारा कोई मतलब नहीं है। हम तो रात-दिन काम करते रहते हैं। हमारी सक्रियता को आपलोग देख रहे हैं।

