जहां एक ओर विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है। जहाँ बच्चे शिक्षा ग्रहण करने और अपना भविष्य गढ़ने जाते है तो वही दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के एक विद्यालय से हैरतअंगेज खबर सामने आयी है। जहां उस विद्यालय में पढाई नहीं बल्कि मजदूरी कराई जाती है। यह खबर है उत्तर प्रदेश के बिजनौर के किरतपुर ब्लॉक के मिर्जापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय का। यहां शिक्षक केवल बच्चों के भविष्य के साथ ही नही बल्कि देश के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है और उसी भविष्य के साथ मिर्जापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक खिलवाड़ कर रहे हैं। उन होनहार बच्चों को शिक्षा देने के बजाए उनसे मजदूरों की तरह मजदूरी कराई जा रही है। उनके कोमल हांथो से ईट ढोवाया जा रहा है। विद्यालय को मजूदरी का अड्डा बना दिया गया है।
पहले से ही सरकारी विद्यालयों की स्थिती खस्ताहाल है। उसका हाल किसी से छुपा नही है। अब इस तरह की खवरें उसकी साख पर और बट्टा लगा रही है।

