भीषण गर्मी के कारण हर कोई आश्रय की तलाश में हैं। मौसम की मार ऐसी है कि आदमी क्या और जानवर क्या? सभी की हालत एक जैसी हैं। आदमी तो किसी तरह अपना आश्रय ढूंढ लेता हैं लेकिन बेजुबान जानवर कहां जाए? उत्तरप्रदेश के Bulandshahr का मामला ऐसा ही कुछ हैं। जहां एक स्कूल मे गर्मी से आश्रय लेने की कीमत बेजूबान को अपने जान से चुकानी पड़ी।
Bulandshahr का है मामला
मामला उत्तरप्रदेश के Bulandshahr के शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर सिविलियन विद्यालय का जहां पिछले 20 मई से राज्य सरकार के आदेश पर स्कूल में गर्मी की छुट्टी हैं। गर्मी की अवकाश से पहले स्कूल के आखिरी दिन जब विधालय में छुट्टी की घोषणा हुई तो बच्चे से लेकर शिक्षक तक इतने उत्साहित हो गए कि घर जाने की जल्दबाजी में स्कूल के क्लास रूम को बिना चेक किए ही क्लास रूम में ताला जड़ दिया।
स्कूल में गर्मी का अवकास
Bulandshahr में शिक्षकों की यह लापरवाही एक बेजुबान की मौत का कारण बन गया। दरअसल 20 मई को समर वैकेशन के बाद शिक्षक स्कूल बंद कर घर चले गए। बंद करने से पहले उन्होंने स्कूल को चेक नहीं किया। इससे पहले ही एक कुत्ता स्कूल के एक कक्षा में बन हो गया था। स्कूल बंद रहने के कारण भूख और प्यास से बेजुबान की भूख प्यास से तड़पकर मौत हो गई। फिर जब कुत्ते के सड़ने की बदबू फैलने लगी तो स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी।
शिक्षकों से स्पष्टीकरण की मांग
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद BSA ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो वहीं BEO से रिपोर्ट मांगी गई है। इसक साथ साथ संबंधित विद्यालय के पूरे स्टाफ से मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

