अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में अभी से ही बिछात बिछनी शुरू हो चुकी है और भाजपा इतने बड़े सूबे में अपनी पकड़ जमाने के लिए जोरों शोरों से अभी से ही लग गई है। बता दें यूपी में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं जिसे भाजपा हर हाल में अपनी तरफ करना चाहेगी।
बीजेपी ने प्रदेश में मिशन 80 (Mission 80) का प्लान बनाया है। अगर बीजेपी इसमें सफल हो जाती है तो 2024 की राह एकदम आसान हो जाएगी। बीजेपी ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। भाजपा के मिशन 2024 का सफर आसान बनाने के लिए बीजेपी ने मंत्रियों को जमीन पर उतारने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत लोकसभा की हारी हुई 14 सीटों पर केंद्रीय मंत्रियों के प्रवास के बाद अब यूपी के मंत्रियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। यूपी के मंत्री 66 जीती हुई सीटों पर प्रवास करेंगे।
आम चुनाव की तैयारी को लेकर बीजेपी का ये मेगा प्लान मार्च से शुरू होगा। बीजेपी का फोकस सबसे ज्यादा उन सीटों पर है जहां जीत का अंतर काफी कम रहा था या फिर बीजेपी को जीतने के लिए जद्दोहजहद करनी पड़ी थी।
इन सीटों पर भाजपा बना रही अपनी पैनी नजर
जिन सीटों पर बीजेपी को कम अंतर से जीत मिली थी उनमें मछलीशहर सीट हैं जिसमें बीजेपी को सिर्फ 181 वोटों से जीत मिली थी, मेरठ सीट पर भी जीत का अंतर 4729 वोट का रहा था। मुजफ्फरनगर सीट पर 6526 मतों से जीत हासिल हुई थी. चंदौली में बीजेपी का प्रत्याशी 13954 वोटों से जीता था। रामपुर और आजमगढ़ को मिलाकर 25 ऐसी सीटें जहां जीत का अंतर 1 लाख वोट से कम रहा था। 30 लोकसभा सीटें ऐसी जहां जीत का अंतर सवा लाख वोटों से कम था।
पहले चरण में कम अंतर वाली सीटों पर फोकस किया जाएगा। इन सीटों पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को प्रवास की जिम्मेदारी दी जाएगी। बाकी बची 36 सीटों पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों को प्रवास पर भेजा जाएगा. प्रवास के दौरान ये मंत्री सभी वर्गों के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझेंगे।

