बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पर विपक्षी दलों की महा बैठक हुई है। जिसमे 15 दलों ने भाग लिया। बता दें कि इस बैठक में लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सभी दल बातचीत के लिए एकत्र हुए थे। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने निशाना साधा है। भाजपा नेत्री व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक स्वार्थ का गठबंधन है। विपक्षी दल निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए एकजुट हुए थे । यह स्वार्थ का गठबंधन देश को आर्थिक विकास से वंचित करना चाहता है।
ईरानी ने कहा कि जो लोग कभी एक दूसरे के आमने-सामने आने से परहेज करते थे वो आज साथ दिख रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वार्थ शायद इतना भी बड़ा नहीं है कि वह (ममता बनर्जी) न भूली हों कि कैसे उनके बाल से उनको घसीट कर, कम्युनिस्ट पार्टी ने उनका अपमान किया था। अगर थोड़ा भी स्वाभिमान बचा है, तो वह कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समझौता नहीं करेंगी और अगर समझौता किया तो उनका राजनीतिक स्वार्थ उनके निजी स्वाभिमान से बड़ा है।
ममता का हाथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खून से सने हैं
ईरानी ने कहा कि ये राजनीतिक दल जब भी एक साथ आए, भ्रष्टाचार लाए, परिवारवाद लाए और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति को संकुचित करने का आरोप अपने संग लेकर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नहीं सोचा होगा कि जिस कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने ममता बंद्योपाध्याय के बाल खींचकर सड़क पर उन्हें अपमानित किया था उसी कम्युनिस्ट पार्टी के संरक्षण में ममता बंद्योपाध्याय जाएंगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कभी कल्पना नहीं की होगी कि जिस ममता बंद्योपाध्याय के हाथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खून से सने हैं, वही हाथ एक दिन राहुल गांधी के सर पर दिखाई देंगे।
ईरानी ने कहा कि ये कल्पना तो कभी तमिलनाडु की जनता ने भी नहीं की होगी कि जिस डीएमके पार्टी पर 1990 के दशक में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने स्व. राजीव गांधी की हत्या में सहयोग देने का आरोप लगाया, एक दिन उसी डीएमके साथ गांधी खानदान के रिश्ते और मधुर होंगे।

