यूपी में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा एकदम एक्टिव मोड में आ चुकी है, भाजपा ने देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में अभी से ही बिछात बिछनी शुरू कर दी है। भाजपा इतने बड़े सूबे में अपनी पकड़ जमाने के लिए जोरों शोरों से अभी से ही लग गई है। बता दें यूपी में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं जिसे भाजपा हर हाल में अपनी तरफ करने को लेकर बीजेपी ने प्रदेश में मिशन 80 (Mission 80) का प्लान बनाया है। अगर बीजेपी इसमें सफल हो जाती है तो 2024 की राह एकदम आसान हो जाएगी। बीजेपी ने इसके लिए मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है।
वहीं दूसरी तरफ सपा पार्टी में उथल-पुथल मची पड़ी है। समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की भाजपा में शामिल होने की खबरें सामने आ रही हैं। अब इसपर यूपी बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी (Bhupendra Chaudhary) का बयान भी आया है। भूपेंद्र चौधरी से जब दारा सिंह चौहान और धर्म सिंह चौहान बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, तब उन्होंने कहा, “बीजेपी में जब सदस्यता अभियान चलता है तो ऑनलाइन मेंबरशीप मिलती है। हमलोग किसी को सदस्य बनने से रोकते तो हैं नहीं। पार्टी का स्पष्ट मत है कि जो हमारे नेता के फैसले से सहमत है। साथ ही हमारे विचारधारा से सहमत है। कोई समस्या नहीं है, उसका हम स्वागत करेंगे और सबको अपने साथ लेकर चलेंगे।” इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने भी कई सपा नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के संकेत दिए थे।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का भी दिया जवाब
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का भी देते हुए कहा कि पीएम मोदी का संकल्प है “सबका साथ सबका विकास” उन्हीं के इस संकल्प पर हम चल रहें हैं। वहीं जब उनसे पूछा गया कि स्वामी प्रसाद मौर्य का रामचरितमानस की कुछ चौपाईयों को हटाने वाले बयान पर आपका क्या कहना है तो उन्होनें इस पर जवाब देते हुए कहा “मेरा इतना कहना है कि हमने किसी भी धार्मिक ग्रंथ और धार्मिक पुस्तक या धार्मिक विषयों से जुड़े किसी भी धर्म के बारे आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक तनाव या टकराव पैदा हो।”
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की सरकार और केंद्र की सरकार जनता से जुड़े जो विषय हैं. गरीब कल्याण के विषय हैं, जो भी योजनाएं हैं सरकार की वो हम बिल्कुल पारदर्शी तरीके से लोगों के लिए काम कर रही है। उसी विषय को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं. उन लोगों की मंशा हो सकती है कि समाज में तनाव पैदा हो लेकिन मेरा साफ मानना है और सब लोगों से निवेदन है कि इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए. जिससे किसी की धार्मिक आस्था को ढेस पहुंचे।”

