श्रद्धा वालकर हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। मिली जानकारी के हिसाब से इस निर्मम हत्या के मुख्य अपराधी ने पुलिस को गुमराह और बयानों में पूरी तरह से पुलिस को गुमराह करने का काम किया है।
मुख्य आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने पुलिस को बताया था कि उसने पहली बार श्रद्धा के साथ 17 मई, 2019 को शारीरिक संबंध बनाया था। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के हिसाब से , आफताब ने बताया कि श्रद्धा के परिवार को उसके पास प्रेग्नेंसी किट मिली, जिस पर उन्होंने उनके संबंधों पर विरोध जताया था।
आपको बता दें अब तक जो जानकारी मिली थी उसमें कहीं पर भी उस बेटी की हत्या के बाद उसके शरीऱ के टुकड़े जलानें की बात नहीं सामने आई थी, लेकिन अब जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढी तो एक और बहुत बड़ा मामला सामने आया जिसमें उसने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसके शरीर के टुकड़े जला दिए इसी के साथ हड्डियों को पीस कर पाउडर बनाने के बाद उड़ा दिया या फेंक दिया ऐसी आशंका जताई जा रही है। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया।
साकेट कोर्ट ने लिया संज्ञान
अब इस मामले में अदालत ने भी कड़ा रूख अपनाया है। जानकारी के लिए बता दें कि अदालत ने कहा कि पेश गवाहों के बयानों को देखते हुए कहा जा सकता है कि कहीं न कहीं इस मामले में आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया है, जो कि जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में अदालत ने ये भी कहा कि दस्तावेजों के हिसाब से श्रद्धा वालकर हत्याकांड में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ हत्या व साक्ष्य नष्ट करने का मुकदमा चलाने के लिए कई साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत ने अभियोजन पक्ष को आरोपी को आरोपपत्र की प्रति देने का निर्देश दिया।
साकेत कोर्ट (Saket Court) स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुक्ला के आदेश पर पुलिस ने आरोपी आफताब को आरोपपत्र की प्रति सौंप दी। अब आगे इस मामले में कोर्ट गहनता से जांच करेगा

