पहलवान तक़रीबन एक महीने से ज्यादा से भाजपा सांसद और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण के खिलाफ आंदोलनरत है। वे लगातार बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। इस बीच अब आंदोलन में के नया मोड़ आ गया है। बीते दिन पहलवानों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद गृहमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब पहलवानों ने अपने रेलवे की नौकरी पर फिर से वापस लौट गए है।
न्याय की राह में अगर नौकरी बनेगी बाधा तो…
बता दें कि नौकरी पर वापस लौटने के बाद पहलवानों की किरकिरी शुरू हो गयी है और उनपर सवालों की बौछार भी होने लगी है लेकिन अब पहलवानों की ओर से उन तमाम सवालों का जवाब दिया गया है जिसको लेकर उन्हें घेरा जा रहा था। पहलवानों ने साफ़ तौर पर कहा है कि अगर उनकी न्याय की राह में नौकरी बाधा बनेगी तो वह उसे भी छोड़ देंगे। बजरंग पुनिया की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि उनका आंदोलन पहले की तरह की जारी रहेगा।
बजरंग पुनिया ने ट्वीट कर कहा, ”हमारे मेडलों को 15-15 रुपए के बताने वाले अब हमारी नौकरी के पीछे पड़ गये हैं। हमारी ज़िंदगी दांव पर लगी हुई है, उसके आगे नौकरी तो बहुत छोटी चीज़ है। अगर नौकरी इंसाफ़ के रास्ते में बाधा बनती दिखी तो उसको त्यागने में हम दस सेकेंड का वक्त भी नहीं लगाएँगे। नौकरी का डर मत दिखाइए।”
गौरतलब है कि बजरंग पुनिया की ओर से इससे पहले आंदोलन खत्म होने की खबरों को झूठा बताया गया है। उन्होंने कहा, ”आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं। ये खबरें हमें नुक़सान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है। महिला पहलवानों की एफ़आईआर उठाने की खबर भी झूठी है। इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी।”
साक्षी मलिक ने सफाई देते हुए कहा कि ड्यूटी ज्वाइन करने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है। विनेश फोगाट ने भी साफ कर दिया है कि वो आंदोलन का हिस्सा बनी हुई हैं और उनकी लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी।

